प्रशासन के बाद कमलनाथ सरकार पर गरम थे शिवराज सिंह, अब सीएम का जताया आभार
भोपाल.आदिवासियों ने शहर में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए प्रशासन से अनुमति ली थी। आदिवासियों का साथ पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान दे रहे थे। भोपाल में आदिवासियों के धरना स्थल पर शिवराज सिंह चौहान भी बैठने वाले थे। भोपाल पहुंचने से पहले ही प्रशासन ने उन्हें शहर के बाहर भदभदा के पास रोक दिया।
जैसे ही प्रशासन के द्वारा शिवराज को आदिवासियों को रोकने की खबर में मिली, वो फायर हो गए। उन्होंने तुरंत भोपाल आईजी को फोन लगाकर खरीखोटी सुना दिया। उसके बाद खुद भदभदा आदिवासियों को लाने पहुंच गए। उन्होंने अपनी कार छोड़, आदिवासियों के साथ ट्रैक्टर पर बैठ गए। और ट्रैक्टर पर बैठकर ही भोपाल पहुंचे।
न्यू मार्केट के पास दिया धरना
शिवराज सिंह चौहान आदिवासियों के साथ भोपाल स्थित न्यू मार्केट के पास धरना दिया। इस दौरान उन्होंने कमलनाथ सरकार पर खूब निशाना साधा। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आदिवासी भाई-बहन जिस तरह से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। उसे प्रशासन के द्वारा रोकना पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है। यह उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन है जो मैं कतई नहीं होने दूंगा
वन अधिकारों को लेकर था प्रदर्शन
मध्यप्रदेश के आदिवासी अपनी मांगों और वन अधिकारों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने भोपाल आ रहे थे। जिसे प्रशासन ने शहर से बाहर ही रोक दिया। इसकी खबर मिलते ही शिवराज सिंह चौहान उन्हें लाने पहुंच गए। इसके साथ ही आदिवासी अपने ऊपर वन विभाग के द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे को वापस लेने की मांग कर रहे थे।
बीजेपी आपके साथ है
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आदिवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि सीहोर जिले से आए मेरे आदिवासी भाइयों-बहनों आपकी इस लड़ाई में यह मंच, भोपाल की जनता और भारतीय जनता पार्टी आपके साथ है। उन्होंने कहा कि अन्याय की पराकाष्ठा हो गई। धरती, पानी, जंग, खदानें इन पर सबका बराबर का हक है। जंग में रहने वाले मेरे सीधे-सादे आदिवासी भाई-बहनों का हक छीना जा रहा है।
हम छोड़ेंगे नहीं
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस धरती पर मेरे आदिवासी भाई-बहनों का भी बराबर का हक है। इसको किसी सरकार ने छीनने की कोशिश की, तो हम उसे भी नहीं छोड़ेंगे। जब तक मामा जिंदा है, तब तक अन्याय नहीं होने देगा। सुन ले सरकार कि किसी आदिवासी की जमीन को हाथ भी लगाया तो अंजाम बुरा होगा।
इसके साथ ही शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आदिवासी भाइयों की यही मांग तो है कि इन्हें चैन से जीने दिया जाए। ये झूठे मुकदमे जो इन पर बनाए गए हैं, उसे वापस लें। यह नहीं चलेगा कि आदिवासी लाठी खाते रहें, जेल जाते रहें, ऐसी बेरहम व्यवस्था का हम विरोध करते हैं।
कमलनाथ ने बुलाया
आदिवासियों के आंदोलन पर शिवराज के तेवर देख, सीएम कमलनाथ ने उन्हें बुलावा भेजा। उसके बाद शिवराज सिंह उनसे मिलने गए। शिवराज सिंह ने ट्वीट कर लिखा कि आंदोलनरत बुधनी के आदिवासियों की मांगें मानने पर मुख्यमंत्री को आभार।