भोपाल

क्यार के बाद अब अरब सागर में बन रहा है एक और चक्रवाती तूफान, 48 घंटों में भारी बारिश के आसार

प्रदेश से चक्रवाती तूफान क्यार का असर कम होने लगा है। लेकिन, बड़ी समस्या ये है कि, अब अरब सागर की ओर से एक और चक्रवाती तूफान काफी तेजी से सक्रीय हो रहा है।
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क्यार के बाद अब अरब सागर में बन रहा है एक और चक्रवाती तूफान, 48 घंटों में भारी बारिश के आसार

भाेपाल/ मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई हो चुकी है। लेकिन, हिन्द महासागर में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र के चलते बने चक्रवाती तूफान क्यार के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में गरज चमक और बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल प्रदेश से चक्रवाती तूफान क्यार का असर कम होने लगा है। लेकिन, बड़ी समस्या ये है कि, अब अरब सागर की ओर से एक और चक्रवाती तूफान काफी तेजी से सक्रीय हो रहा है। अगर इसका मूवमेंट महाराष्ट्र की तरफ रहा ताे आगामी 3 नवंबर तक राजधानी भाेपाल समेत प्रदेश के कई जिलों में एक बार फिर घने बादल छा जाने के साथ गरज चमक के साथ बारिश और अति भारी बारिश होने की संभावना है।


क्यार के बाद अब...

बता दें कि, बीते दिन बुधवार काे जहां एक तरफ दिन में बादल साफ रहे, जिसके चलते लोगों को तीखी धूप का सामना करना पड़ा और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, रात में अचानक भोपाल समेत प्रदेश के कई इलाकों में बादलों ने डेरा जमाया और गरज चमक के साथ कहीं तेज तो कहीं सामान्य बारिश दर्ज की गई। रात को हुई बारिश के बाद बड़ी नमी के चलते फिजा में अचानक ठंड का अहसास बढ़ गया। आपको ये भी बता दें कि, हिन्द महासागर से उठे चक्रवाती तूफान क्यार के असर के चलते पिछले तीन दिनों से हल्की और तेज बारिश का सिलसिला जारी है।


दिन में चटकी धूप रात को बारिश

मध्य प्रदेश समेत भोपाल के माैसम में लगातार उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। इसका कारण बताते हुए माैसम विभाग ने बताया कि, इस बार अरब सागर में एक नए चक्रवाती तूफान की सक्रीयता बढ़ रही है। फिलहाल ये डिप्रेशन की स्थिति में है, जिसके चलते मौसम में बदलाव नज़र आ रहा है। हालांकि, ये अगले 48 घंटों के भीतर चक्रवाती तूफान का रूप ले लेगा। अगर हवाओं का रुख महाराष्ट्र की ओर रहा तो इसका काफी असर प्रदेश पर भी पड़ेगा।


अचानक गिरा तापमान

राजधानी भोपाल में जहां दिन में लोगों को चटक धूप का सामना करना पड़ा वहीं रात 8 बजे से बदले मौसम के मिज़ाज ने राजधानी के कई इलाकों को पूरी तरह भिगाकर रख दिया। बारिश के कारण शहर की मुख्य धारा बड़ा तालाब एक बार फिर फुल हो गया, जिसके चलते भदभदा डैम फिर से ओवरफ्लो हो गया। मौसम विभाग द्वारा जारी सूची के मुताबिक बुधवार को राजधानी के दिन का तापमान 30.7 डिग्री दर्ज किया गया। जो मंगलवार के अधिकतम तापमान के मुकाबले 1.4 डिग्री ज्यादा था। शाम सात बजे के बाद हाेशंगाबाद राेड, मिसराेद, एमपी नगर, अरेरा हिल्स, जेल राेड, रवींद्र भवन, कमला पार्क, नदीम राेड, भेल टाउनशिप, काेलार समेत नए और पुराने शहर के कई इलाकों में तेज और हल्की बारिश हुई।



चक्रवाती तूफान बनने का ये है कारण

मौसम विज्ञानी एके शुक्ला ने बताया कि अरब सागर में तापमान ज्यादा है एवं विंड शेयरिंग कम है। इसका मतलब ये है कि निचले स्तर से लेकर ऊपरी स्तर तक हवा की रफ्तार में बदलाव कम हाे रहा है। इसे ही विंड शेयरिंग कहते हैं। इसके कारण हवा में नमी ज्यादा मिल रही है। कम ऊंचाई से अधिक ऊंचाई तक हवा में नमी का मिश्रण हाे रहा है। यही स्थिति साइक्लाेन बनने में सहायक हाेती है। जब अरब सागर का तापमान ज्यादा हाे ताे इंडियन ओशिन डाइपाेल यानी भारतीय समुद्रीय द्विध्रुवीय (अाईअाेडी) पाॅजिटिव हाेता है। ऐसी स्थिति में वहां ज्यादा चक्रवाती तूफान बनते हैं। इन दिनों बनी स्थिति का कारण यही है।

Updated on:
31 Oct 2019 12:38 pm
Published on:
31 Oct 2019 12:38 pm