
भोपाल: देश—दुनिया की तरह मध्यप्रदेश में ओमिक्रोन का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है. कोरोनावायरस (Coronavirus) का यह नया वेरिएंट अब खतरनाक दिखने लगा है. प्रदेश में कोरोना के नए मरीजों की संख्या जहां 11 हजार से ज्यादा हो चुकी है वहीं एक्टिव मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है. तेजी से बढ़ती ये संख्या बता रही है कि कोरोना का नया वेरिएंट डेल्टा की तुलना में कितना संक्रामक है. यूं तो ओमिक्रोन के कई लक्षण सामने आ चुके हैं लेकिन ओमिक्रोन का एक शुरूआती लक्षण ही ऐसा है जो आपको संक्रमण का संकेत दे सकता है. एक्सपर्ट बताते हैं कि यदि आपने इस पर ध्यान दे दिया तो बीमार पड़ने से पहले ही आप इसे रोक सकते हैं.
प्रदेश में शनिवार को कोरोना के 11241 मरीज सामने आए जबकि 61 हजार से ज्यादा एक्टिव मरीज हैं. इन बढ़ती संख्या के बीच यह तथ्य भी सामने आया है कि कोरोना के पुराने डेल्टा वेरिएंट की तुलना में ओमिक्रोन के लक्षण भी कुछ अलग हैं. एक्सपर्ट और डाक्टरों ने ओमिक्रोन का सबसे पहला लक्षण बताया है. विशेषज्ञ बताते हैं कि ओमिक्रोन का सबसे पहला लक्षण आपकी आवाज में दिखाई दे सकता है. अगर आप जोर से नहीं बोल रहे हैं अर्थात आपकी आवाज तेज नहीं, सामान्य है फिर भी लोगों को कर्कश सी लग रही है तो ये ओमिक्रोन का सबसे शुरूआती लक्षण हो सकता है.
आपको स्वयं भी अपनी आवाज फटी-फटी सी लग सकती है. इतना ही गला भी बैठा हुआ सा महसूस हो सकता है. ये ओमिक्रोन के पहले लक्षणों में से ही है. डॉ. दिनेश गुरयानी बताते हैं कि अगर आपको भी गले से जुड़ी ऐसी कोई शिकायत है तो आपको फौरन डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.खास बात यह है कि ओमिक्रोन के मरीजों को पुराने वेरिएंट की तुलना में गले में खराश का अनुभव ज्यादा नहीं हो रहा है. लेकिन उन्हें गले में कुछ चुभता जैसा जरूर लग रहा हो. इसके अलावा लोगों को बंद नाक, सूखी खांसी और पीठ के निचले हिस्से में दर्द भी महसूस होता है.
गौरतलब है कि गले में चुभन और पीठ के निचले हिस्से में दर्द जैसे लक्षण डेल्टा वेरिएंट में नहीं देखे जा रहे हैं.ये नए वेरिएंट यानि ओमिक्रोन के ही लक्षण हैं. डॉक्टर बताते हैं कि अगर आप अस्वस्थ महसूस करते हैं लेकिन कोविड का आपमें कोई लक्षण दिखाई नहीं दे रहा है तब भी आप बिना देरी के कोरोना के RT-PCR टेस्ट करा लें. टेस्ट में अगर आपका टेस्ट निगेटिव भी आता है तो भी सावधानी बरतते हुए खुद को आइसोलेट कर लें. ऐसा करके आप अन्य परिजनों या लोगों को संक्रमित होने से बचा सकते हैं.