
Twisha Sharma Case CBI Chargesheet: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा केस में मंगलवार को सीबीआई कोर्ट में सुनवाई हुई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई सुनवाई में आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह शामिल हुए, इस दौरान सीबीआई ने आरोपियों की न्यायिक हिरासत 19 अगस्त तक बढ़ाने की मांग की, लेकिन कोर्ट ने आरोपियों की न्यायिक हिरासत 17 अगस्त तक बढ़ाने के निर्देश दिए। कोर्ट ने सीबीआई को भी 17 अगस्त तक चार्जशीट पेश करने के आदेश दिए हैं।
सीबीआई कोर्ट की मजिस्ट्रेट शोभना भलावे की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान सीबीआई ने बताया कि जांच लगभग पूरी हो चुकी है और 19 अगस्त से पहले चार्जशीट पेश कर दी जाएगी। इस पर कोर्ट ने कहा कि सीबीआई 17 अगस्त तक चार्जशीट पेश करे। इससे पहलेट्विशा शर्मा के परिवार की ओर से पेश अधिवक्ता शुभांग दीक्षित ने कोर्ट से दोनों आरोपियों गिरिबाला और समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 19 अगस्त तक बढ़ाने की मांग की थी जिस पर कोर्ट ने 17 अगस्त तक दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने के आदेश दिए।
ट्विशा पक्ष के अधिवक्ता शुभांग दीक्षित ने बताया कि आगामी 17 अगस्त तक अगर सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट पेश नहीं कर पाई तो आरोपियों की ओर से डिफॉल्ट बेल का आधार बन सकता है। उन्होंने कहा कि दोनों आरोपियों गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के मामले में 90 दिन की वैधानिक अवधि भी करीब है। समर्थ सिंह की गिरफ्तारी 21 मई को हुई थी, इसलिए उसकी 90 दिन की अवधि 19 अगस्त को और गिरिबाला की गिरफ्तारी 27 मई को हुई थी, इसलिए उनकी 90 दिन की अवधि 25 अगस्त को पूरी हो रही है। इसलिए उम्मीद है कि सीबीआई 17 अगस्त को कोर्ट में चार्जशीट पेश कर देगी।
नोएडा की रहने वाली ट्विशा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के वकील बेटे समर्थ सिंह के साथ हुई थी। 12 मई 2026 की रात को ट्विशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। ट्विशा अपने ससुराल के टेरेस पर फंदे से लटकी मिली थी। गिरिबाला और समर्थ सिंह रात को ही एम्स भोपाल लेकर पहुंचे, जहां ट्विशा को मृत घोषित कर दिया गया था। इसके बाद मामला तब उलझा जब गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह पर सबूत नष्ट करने के आरोप लगे। आरोप है कि उन्होंने काफी समय न्यायिक अधिकारियों और पुलिस के बड़े अफसरों को फोन लगाकर मामला प्रभावित करने का प्रयास किया। ट्विशा के परिवार और ससुराल पक्ष के आरोप-प्रत्यारोप और लड़ाई में करीब 12 दिन तक ट्विशा का शव एम्स की मार्चुरी में रखा रहा था।