Twisha Sharma Death Case: टि्वशा शर्मा केस में सीबीआई जांच जारी है। अब इस केस में नया एंगल सामने आया है....
Twisha Sharma Case Updates: एमपी के भोपाल शहर में सबसे चर्चित टि्वशा मौत मामले में लगातार सीबीआई जांच कर ही है। अब इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो अब घटनाक्रम का पुनर्निर्माण करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए मुख्य आरोपी समर्थ सिंह और उनकी मां, पूर्व न्यायाधीश गिरि बाला सिंह को उस घर में ले जाया जा सकता है, जहां यह घटना हुई थी।
पूछताछ के दौरान समर्थ सिंह ने सीबीआई को बताया है कि उन्होंने टि्वशा के शव को फंदे से नीचे उतारा था, जबकि गिरि बाला सिंह ने गले में बंधी बेल्ट की गांठ खोली थी। अब सीबीआई इन दावों की घटनास्थल पर मौजूद भौतिक साक्ष्यों और परिस्थितियों से तुलना करेगी।
ट्विशा मौत मामले में एक नया एंगल सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक टि्वशा की प्रेग्नेंसी को लेकर नया एंगल सामने आया है। इस पूरे मामले में अमित नाम के शख्स का भी खुलासा हुआ है। अब इस केस में नए एंगल से भी जांच की जाएगी। हालांकि पत्रिका अभी ऐसी किसी भी बात की पुष्टि नहीं करता है।
साथ ही साथ मामले की जांच के दौरान सीबीआई ने उस डॉक्टर को भी समन जारी किया है, जिन्होंने कथित रूप से ट्विशा शर्मा को मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी यानी गर्भपात की सलाह दी थी। जांच एजेंसी यह जानने का प्रयास करेगी कि गर्भपात का निर्णय किन परिस्थितियों में लिया गया था और क्या यह पूरी तरह स्वेच्छा से लिया गया फैसला था या उस पर किसी प्रकार का दबाव था।
वहीं सीबीआई ने मनोचिकित्सक डॉ. सत्य कांत त्रिवेदी को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। एजेंसी ट्विशा की मानसिक स्थिति उन्हें होने वाली मनोवैज्ञानिक परेशानियों और दिए जा रहे उपचार के संबंध में जानकारी जुटाएगी। वहीं सीबीआई ने मनोचिकित्सक डॉ. सत्य कांत त्रिवेदी को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। एजेंसी ट्विशा की मानसिक स्थिति उन्हें होने वाली मनोवैज्ञानिक परेशानियों और दिए जा रहे उपचार के संबंध में जानकारी जुटाएगी।
पूर्व जज गिरि बाला सिंह की तरफ से भी अदालत में एक अलग आवेदन प्रस्तुत किया गया है। इसमें ट्विशा के पिता, माता, भाई मेजर हर्षित शर्मा व घटना से पहले और बाद में ट्विशा से बातचीत करने वाले अन्य लोगों के कॉल रिकॉर्ड और कॉल डिटेल्स को सुरक्षित रखने और सीबीआई जांच में शामिल करने की मांग की गई है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मामले की जांच में सीन क्रिएशन की तैयारी भी तेज हो गई है। सीबीआई ने ट्विशा के दो पुतले तैयार कराए हैं। घटना के बाद ट्विशा की लंबाई और वजन को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे थे। इसी को ध्यान में रखते हुए एक पुतला पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज लंबाई और वजन के आधार पर बना है और दूसरा परिजनों द्वारा बताए गए शारीरिक मापदंडों के अनुसार तैयार किया गया है। सीबीआई जल्द ही पति समर्थ सिंह और सास पूर्व जज गिरि बाला सिंह की मौजूदगी में घटनास्थल पर सीन क्रिएशन कर पूरे घटनाक्रम को दोबारा समझने और तथ्यों की पुष्टि करने का प्रयास करेगी।
सीबीआई की सक्रियता बयानों से लेकर साक्ष्य जुटाने तक के काम में नजर आ रही है। जांच अधिकारी पूर्व जज गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह से वारदात के संबंध में कई जवाब मांग रहे हैं। स्थिति ये है कि टीम ने गिरिबाला व समर्थ से पूछताछ के लिए 50 से ज्यादा सवाल तैयार किए हैं। दोनों से उनके जवाब पूछ रही है। समर्थ सिंह की फरारी को गिरिबाला सिंह अपनी गलती मान चुकी है पर सीबीआई उनके जवाब से संतुष्ट नहीं है।
इस पूरे मामले में अब सीबीआई जांच करेगी कि टि्वशा फंदे तक कैसे पहुंची। टीम ने ट्विशा की लंबाई और वजन के अनुरूप एक डमी तैयार कराई है। इसी के जरिए घटनास्थल पर रीक्रिएशन किया जाएगा। एजेंसी जांचेगी कि समर्थ और गिरिबाला ने पुलिस को जो घटनाक्रम बताया था, वह मौके की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों से मेल खाता है या नहीं।
घटनास्थल पर रीक्रिएशन कराकर एंजेसी ये जानना चाहती है कि संबंधित सामग्री कितना वजन सहन कर सकती थी और क्या घटनास्थल पर मिले तथ्यों के अनुरूप वह परिस्थितियां संभव थीं, जिनका दावा मां-बेटे कर रहे हैं। सीबीआई अधिकारियों का मानना है कि सीन रिक्रिएशन से यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि घटना के समय वास्तव में क्या हुआ था और आरोपियों के बयान उपलब्ध साक्ष्यों से कितने मेल खाते हैं।