
Twisha Sharma- भोपाल में मॉडल-एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की डेथ मिस्ट्री में मुख्य आरोपी पति समर्थ सिंह और सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह जेल पहुंच गए हैं। सीबीआइ कोर्ट ने दोनों को 16 जून तक न्यायिक हिरासत में भोपाल सेंट्रल जेल भेज दिया। रिमांड खत्म होने पर मंगलवार को समर्थ सिंह और सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह को कोर्ट में पेश किया गया था। सीबीआइ ने दोबारा रिमांड नहीं मांगा पर दोनों आरोपियों ने तीखे तेवर दिखाए। कोर्ट में समर्थ सिंह के घायल होने की बात सामने आई। वकील एनॉश जॉर्ज कार्लो ने अदालत को बताया कि उन्हें पैर में चोट लगी है। समर्थ को जबर्दस्त दर्द है पर सीबीआई ने उचित इलाज भी नहीं कराया।
मॉडल-एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की भोपाल में 12 मई को संदिग्ध हालातों में मौत हो गई थी। ससुरालवालों के अनुसार कटारा हिल्स स्थित आवास पर उन्होंने आत्महत्या कर ली। इधर ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा, भाई हर्षित शर्मा ने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराया। उन्होंने ट्विशा की हत्या करने का भी आरोप लगाया। इस हाईप्रोफाइल मामले की जांच अब केंद्रीय जांच एजेंसी यानि सीबीआई कर रही है।
बहू की डेथ मिस्ट्री में सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह और पति समर्थ को कोर्ट ने 5 दिन की रिमांड पर सीबीआइ के सुपुर्द किया था। इसकी अवधि 2 जून को समाप्त हो गई। इस पर गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को दोबारा कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें 16 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। दोनों आरोपियों को भोपाल सेंट्रल जेल में रखा गया है।
इससे पहले सीबीआई ने गिरिबाला सिंह और समर्थ को जस्टिस शोभना भालवे की कोर्ट में पेश किया। यहां दो घंटे तक तीखी बहस हुई। कोर्ट में मुख्य आरोपी और ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह ने खुद पर लगे तमाम आरोपों को सिरे से नकारा। उन्होंने कहा कि हमने किसी सबूत से छेड़छाड़ नहीं की है।
कोर्ट में पता चला कि आरोपी समर्थ सिंह घायल है। उसके पैर में चोट लगी है। समर्थ के वकील एनॉश जॉर्ज कार्लो ने बताया कि मंगलवार को सुबह जब मेडिकल के दौरान मैं उससे मिला तब पता चला कि समर्थ का पैर चोटिल है। यह चोट पिछली पेशी के दौरान लगी थी।
समर्थ ने बताया कि पेशी के समय एक मीडियाकर्मी ने मेरे पैर पर अपना पैर रख दिया था। इससे चोट आ गई। वकील एनॉश जॉर्ज कार्लो ने सीबीआई पर समर्थ के इलाज में भी लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया। वकील ने बताया कि सीबीआई ने उसे रिलीफ स्प्रे तक नहीं दिया। यहां तक कि मेडिकल करते वक्त भी पैर की चोट को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा था।