
Twisha Sharma Death Case: फिल्म एक्टे्रस और मॉडल ट्विशा शर्मा की डेथ मिस्ट्री को सीबीआइ भी अभी तक नहीं सुलझा पाई है। उसकी जांच दूसरी पीएम रिपोर्ट के निष्कर्ष और ट्विशा के गर्भपात कराने से लेकर भोपाल में मौत के बीच की कहानी और कडिय़ों को जोडऩे पर टिकी हुई है। उसे जिला कोर्ट भोपाल और हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश करना है, जिसकी तैयारी की जा रही है। उधर, दहेज हत्या के आरोप में उनकी सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह और पति समर्थ न्यायिक अभिरक्षा में केंद्रीय जेल भोपाल में बंद हैं।
सूत्रों के अनुसार सीबीआइ टीम को ट्विशा की दूसरी पोस्टमार्टम की रिपोर्ट(second post mortem report) मिल गई है। जिसका गहराई से वह अध्ययन कर रही है, इसलिए इस बारे में अभी तक आधिकारिक रूप से कुछ नहीं बताया गया है। चोटें सामान्य थीं या कोई मिस्ट्री है, इसपर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटना स्थल की परिस्थितियों और फांसी के फंदे के डमी ट्रायल से इसे जोडऩे की कोशिश चल रही है।
इस रिपोर्ट के आधार पर ट्विशा की सास और पति से दोबारा पूछताछ की जरूरत पड़ सकती है, हालांकि अभी तक सीबीआइ की ओर से किसी तरह का आवेदन कोर्ट में पेश नहीं किया है। जबकि ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा की ओर से अदालत में पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने कई सवाल उठाते हुए आवेदन कर रखा है, जिस पर अगली पेशी पर सुनवाई होगी।
सीबीआइ ट्विशा के द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाली इलेक्ट्रानिक डिवाइस का भी परीक्षण कर रही है। लैपटॉप से लेकर मोबाइल व अन्य दूसरे गजट शामिल हैं। जिनमें छेड़छाड़ के भी आरोप लगे हैं, इसलिए चैट से लेकर तमाम डेटा को रिकवर करने की कोशिश की जा रही है।
सीबीआइ की पूरी जांच ट्विशा के गर्भवती होने और फिर गर्भपात का निर्णय, इसके बाद की परिस्थितियों में मौत को लेकर पूरी कहानी उलझी हुई है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर दोनों पक्षों के दावों में भी अंतर है। सीबीआइ को लगता है कि गर्भधारण और मौत के दिन के बीच जो कुछ घटित हुआ, उसी में पूरी कहानी समाई हुई है। इसमें ताने और पारिवारिक समस्याएं भी शामिल हैं। अजमेर जाने का टिकट और मौत से पहले ब्यूटी पार्लर जाने के घटनाक्रम भी जांच को उलझा रहे हैं, जिससे सामान्य स्थितियों का इशारा मिलता है।