Drinking Water Crisis: इनका अधिकांश समय दो किमी दूर से पानी लाने में बीतता है। जिन घर तक पाइन लाइन पहुंची है वहां बेहद कम दबाव से पानी पहुंचता है। जिन्हें पानी मिल रहा है वह इतना बेस्वाद और दूषित है कि लोग उसे पीना तक पसंद नहीं कर रहे हैं।
जगदलपुर.drinking water Crisis: महाराणा प्रताप वार्ड नंबर 47 में पेयजल की गंभीर समस्या है। यहां 80 वर्षीय बिंदा बाई चंदेल ने कहा कि बह बचपन से यहां रह रही हैं। बचपन में भी परिवार की मदद के लिए पानी भरती थीं, फिर युवा हुईं तभी और अब वे उम्र के आठ दशक पार करके अस्सी साल की हो चुकी हैं, लेकिन पानी की समस्या जस की तस बनी हुई है।
यह दर्द कई महिलाओं का हैं जिनका अधिकांश समय दो किमी दूर से पानी लाने में बीतता है। जिन घर तक पाइन लाइन पहुंची है वहां बेहद कम दबाव से पानी पहुंचता है। जिन्हें पानी मिल रहा है वह इतना बेस्वाद और दूषित है कि लोग उसे पीना तक पसंद नहीं कर रहे हैं।
वार्ड में प्रवेश करते ही चौड़ी क्रांक्रिट की सडक़ नजर आती है। इसके बाद अंदर तक काफी बिजली के खंभे और सडक़ के दोनो ओर पक्की नालियां हैं। काफी इलाकों मेंं डामरीकृत सडक़ें भी नजर आती हैं, लेकिन अंतिम छोर तक जाते जाते विकास दम तोडऩे लगता है।
नालियों, सडक़ और पानी के लिए पाइप लाइन नहीं बिछा होने के दर्द से वार्डवासी बुरी तरह से परेशान हैं। पांच से अधिक पारा वाले इस इलाके में सफाई भी बड़ी संमस्या है। लेकिन फिर भी वार्ड के काफी लोग पार्षद के काम से संतुष्ट नजर आए।