बिजनोर

बेटे को बचाने 5 मिनट तक बाघ से भिड़ा पिता, बिजनौर में डंडे से पीटकर जंगल की ओर भगाया

Bijnor News: यूपी के बिजनौर में बेटे पर बाघ ने हमला कर दिया। बेटे की जान बचाने के लिए पिता करीब 5 मिनट तक डंडे से बाघ से भिड़े और आखिरकार उसे जंगल की ओर भागने पर मजबूर कर दिया।
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Aug 16, 2026
bijnor father saves son from leopard attack
बेटे को बचाने 5 मिनट तक बाघ से भिड़ा पिता..

Father Saves Son Bijnor:बिजनौर के मंडावली थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब जंगल के पास गाय-भैंस चराने गए एक पशुपालक पर अचानक बाघ ने हमला कर दिया। बेटे को बाघ के चंगुल में फंसा देखकर पिता ने अपनी जान की परवाह किए बिना उसका सामना किया। हाथ में डंडा लेकर पिता करीब पांच मिनट तक बाघ के सामने डटा रहा।

बेटे की चीख सुनकर दौड़े पिता

घटना सहानपुर रेंज के मोथला उर्फ नीम वाली वन क्षेत्र की बताई जा रही है। यहां रहने वाले पशुपालक रफी (33) शनिवार सुबह करीब 8 बजे गाय-भैंस चराने के लिए जंगल की ओर गए थे। इसी दौरान घात लगाए बैठे बाघ ने उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से रफी घबरा गए और मदद के लिए जोर-जोर से चिल्लाने लगे।

डंडा लेकर बाघ के सामने पहुंचे गुलाम नबी

डंडा लेकर बाघ के सामने पहुंचे गुलाम नबी

रफी की आवाज सुनकर पास स्थित डेरे में मौजूद उनके पिता गुलाम नबी तुरंत मौके की ओर दौड़े। वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि बाघ उनके बेटे पर हमला कर रहा है। बेटे को बचाने के लिए गुलाम नबी ने बिना देर किए हाथ में डंडा उठाया और बाघ का सामना करने लगे।

गुर्राता रहा बाघ, पीछे नहीं हटे पिता

बाघ लगातार तेज आवाज में गुर्रा रहा था, लेकिन गुलाम नबी के कदम पीछे नहीं हटे। उन्होंने डंडे से बाघ को पीटना शुरू कर दिया। बताया गया कि पिता करीब पांच मिनट तक बाघ से संघर्ष करते रहे। इस दौरान उन्होंने लगातार डंडे से वार किया, जिसके बाद बाघ पीछे हटने लगा।

पिता की हिम्मत के आगे जंगल की ओर भागा बाघ

लगातार प्रतिरोध और डंडे से पिटाई के बाद बाघ वहां से जंगल की ओर भाग गया। बाघ के हटने के बाद घायल रफी को उसके पिता ने संभाला। हमले में रफी के हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों पर पंजों के निशान आए हैं। चोट लगने से उसके शरीर से खून भी निकल रहा था।

घायल युवक को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया

घायल युवक को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया

घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल रफी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार किया और हालत सामान्य होने पर इलाज के बाद उसे घर भेज दिया।

वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर किया निरीक्षण

घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय वन अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के हालात की जानकारी ली। अधिकारियों ने ग्रामीणों से जंगल के आसपास जाते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

रफी ने पिता को बताया अपनी जिंदगी का रक्षक

घायल रफी ने घटना को याद करते हुए बताया कि अगर उसके पिता समय पर मौके पर नहीं पहुंचते तो उसकी जान बचना मुश्किल था। उसके मुताबिक, पिता करीब पांच मिनट तक बाघ से संघर्ष करते रहे और लगातार डंडे से उसे पीछे हटने पर मजबूर किया। आखिरकार बाघ जंगल की तरफ भाग गया।

बाघ के हमले के बाद बढ़ी चिंता

इस घटना के बाद सहानपुर रेंज और उसके आसपास रहने वाले ग्रामीणों में भी चिंता बढ़ गई है। जंगल के आसपास पशुओं को चराने जाने वाले लोगों के लिए वन्यजीवों का खतरा लगातार बना रहता है। वन विभाग ने लोगों से अकेले जंगल की ओर न जाने और किसी भी जंगली जानवर की गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचना देने की अपील की है।

Updated on:
16 Aug 2026 07:45 pm
Published on:
16 Aug 2026 07:45 pm