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मालन नदी में बढ़ सकता है अचानक पानी, बिजनौर में तटबंध पर हाईटेक पहरा; CCTV से 24 घंटे निगरानी

Bijnor News: बिजनौर में मालन नदी में फ्लैश फ्लड की आशंका को देखते हुए यूसुफपुर-बाकरपुर तटबंध की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। संवेदनशील स्थानों पर CCTV कैमरों से 24 घंटे निगरानी की जा रही है।
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Aug 10, 2026
bijnor malan river embankment cctv monitoring
बिजनौर में तटबंध पर हाईटेक पहरा..

Bijnor Malan River: बिजनौर में मानसून के दौरान मालन नदी के अचानक बढ़ते जलस्तर और फ्लैश फ्लड की आशंका को देखते हुए सिंचाई विभाग ने यूसुफपुर-बाकरपुर तटबंध की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। तटबंध के संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके जरिए अब 24 घंटे निगरानी की जा रही है। विभाग का उद्देश्य नदी के जलस्तर, बहाव और तटबंध की स्थिति में होने वाले किसी भी बदलाव की जानकारी समय रहते हासिल करना है, ताकि खतरे की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।

संवेदनशील हिस्सों पर फोकस

अफजलगढ़ सिंचाई खंड, धामपुर की ओर से बाढ़ सुरक्षा को लेकर विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। तटबंध के उन हिस्सों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया है, जहां तेज बारिश या अचानक नदी में पानी बढ़ने की स्थिति में दबाव बढ़ सकता है। इन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों के साथ विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों की निगरानी भी जारी है।

कैमरों से हर हलचल पर नजर

सीसीटीवी कैमरों के जरिए तटबंध की स्थिति पर दूर से भी नजर रखी जा रही है। नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी, पानी के बहाव में बदलाव या तटबंध के किसी हिस्से में कटाव और क्षति के संकेत मिलने पर विभाग को समय रहते जानकारी मिल सकेगी। इससे मौके पर टीम भेजने और जरूरी सुरक्षा कदम उठाने में देरी की संभावना कम होगी।

‘पहले सूचना, तत्काल कार्रवाई’ पर जोर

‘पहले सूचना, तत्काल कार्रवाई’ पर जोर

सिंचाई विभाग ने संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पहले सूचना और तत्काल कार्रवाई के सिद्धांत को प्राथमिकता दी है। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो तटबंध के संवेदनशील हिस्सों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। किसी भी असामान्य स्थिति की सूचना मिलने पर संबंधित टीम को तत्काल सक्रिय करने की तैयारी रखी गई है।

मानवीय निगरानी के साथ तकनीक

इस बार तटबंध की सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक और मानवीय निगरानी दोनों को साथ लेकर चलने की व्यवस्था की गई है। सीसीटीवी कैमरे जहां लगातार दृश्य निगरानी उपलब्ध करा रहे हैं, वहीं अधिकारी और कर्मचारी मौके पर जाकर तटबंध की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कर रहे हैं। इससे किसी संभावित समस्या की पहचान केवल कैमरों पर निर्भर रहने के बजाय जमीनी स्तर पर भी की जा सकेगी।

पिछले साल की घटना से सबक

पिछले वर्ष बरसात के मौसम में तेज पानी के दबाव के कारण तटबंध का एक बड़ा हिस्सा टूट गया था। तटबंध टूटने के बाद आसपास के कई गांवों में पानी घुस गया था और लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। इसी घटना को देखते हुए इस बार मानसून के दौरान तटबंध की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

फ्लैश फ्लड का खतरा

फ्लैश फ्लड का खतरा

मालन नदी में अचानक पानी बढ़ने की स्थिति को विभाग गंभीरता से ले रहा है। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में तेज बारिश के बाद नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसी स्थिति में फ्लैश फ्लड का खतरा बढ़ जाता है और तटबंध के कमजोर या संवेदनशील हिस्सों पर पानी का दबाव तेजी से बढ़ सकता है। इसी वजह से जलस्तर और बहाव पर लगातार नजर रखी जा रही है।

24 घंटे निगरानी की व्यवस्था

तटबंध की निगरानी के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी तय की गई है। संवेदनशील स्थानों पर लगातार नजर रखने के साथ सीसीटीवी से मिलने वाली जानकारी का भी उपयोग किया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि किसी भी संभावित खतरे का पता शुरुआती स्तर पर ही चल जाए, जिससे स्थिति बिगड़ने से पहले जरूरी कदम उठाए जा सकें।

Updated on:
10 Aug 2026 08:51 am
Published on:
10 Aug 2026 08:50 am