बिजनोर

नाबालिक से दुष्कर्म के मामले में आरोपित को बीस साल कैद की सजा

पीड़िता ने बयान दिया कि वह घर से नाराज होकर अपनी रिश्तेदारी में जाने के लिए रेलवे स्टेशन नजीबाबाद गई थी।
less than 1 minute read
• •
Updated: 21 Jan 2022, 12:59 PM IST
court.jpg

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिला सत्र न्यायालय एडिशनल पोक्सो एक्ट की विशेष सत्र न्यायाधीश पारुल जैन ने आरोपित सद्दाम को एक नाबालिक से दुष्कर्म करने के मामले मे 20 साल कैद और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। विशेष लोक अभियोजन अधिकारी भालेंद्र राठौर और मकरन राणा ने बताया कि नजीबाबाद निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस स्टेशन नजीबाबाद में 25 मई 2015 को आईपीसी की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई थी।

थाने में दर्ज एफआईआर में रेप पीड़िता के पिता ने बताया कि वह किराये के मकान में रहता था। 23 मई 2015 को उसकी दो पुत्रियां 13 साल 15 साल अकेली थीं। पड़ोस मे रहने वाला किराएदार सद्दाम उसकी एक पुत्री 15 साल को बहला-फुसला कर भगा ले गया। पुलिस ने पीड़िता को तलाश कर नजीबाबाद रेलवे स्टेशन से बरामद किया था।

पुलिस रेप पीड़िता के पिता के तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच किया और पीड़िता ने कोर्ट के समक्ष 164 सीआरपीसी में बयान दर्ज कराया। रेप पीड़िता ने बयान दिया कि वह घर से नाराज होकर अपनी रिश्तेदारी में जाने के लिए रेलवे स्टेशन नजीबाबाद गई थी। रेलवे स्टेशन पर आरोपित सद्दाम उसे बहला-फुसला अपने गांव ले गया तथा उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।

Published on: