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बिजनौर में नशे का चौंकाने वाला खुलासा: दो सगी बहनें निकलीं स्मैक तस्कर, घर से चला रही थीं पूरा नेटवर्क

Bijnor News: बिजनौर में पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो सगी बहनों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 111.54 ग्राम स्मैक और 88,950 रुपये नकद बरामद हुए।
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Jun 09, 2026
bijnor two sisters arrested for smack trafficking
स्मैक तस्करी करने वाली दो सगी बहनें गिरफ्तार (फोटो- पत्रिका)

Smack Trafficking Bijnor: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शहर कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने दो सगी बहनों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में स्मैक और हजारों रुपये की नकदी बरामद की है। इस कार्रवाई ने इलाके में सनसनी फैला दी है, क्योंकि आरोपी महिलाएं अपने ही घर से लंबे समय से नशे का कारोबार संचालित कर रही थीं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

दोनों बहनों की पहचान और गिरफ्तारी

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार महिलाओं ने अपने नाम रहनुमा उर्फ नूरी और तब्बसुम पुत्री फरीद निवासी मिर्दगान बी-10 बताए। दोनों सगी बहनें हैं और अभी अविवाहित हैं। पुलिस को काफी समय से इस इलाके में नशे के कारोबार की सूचना मिल रही थी। सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने छापेमारी की और दोनों महिलाओं को हिरासत में ले लिया।

तलाशी में मिला नशे का बड़ा जखीरा

तलाशी के दौरान पुलिस को दोनों बहनों के पास से स्मैक की डलियां और बिक्री के लिए तैयार छोटी-छोटी पुड़ियां मिलीं। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन करने पर कुल 111.54 ग्राम स्मैक बरामद हुई। इसमें 50.35 ग्राम स्मैक डली के रूप में और 61.19 ग्राम स्मैक पुड़ियों के रूप में थी। इसके अलावा पुलिस ने उनके पास से 88,950 रुपये नकद भी बरामद किए, जिसे नशे की बिक्री से अर्जित रकम माना जा रहा है।

पिता की बीमारी का दिया हवाला

पूछताछ के दौरान दोनों बहनों ने पुलिस को बताया कि उनके पिता लंबे समय से बीमार हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। उन्होंने दावा किया कि घर का खर्च चलाने और पिता के इलाज के लिए उन्होंने स्मैक बेचने का रास्ता अपनाया। आरोपियों के मुताबिक वे एक पुड़िया स्मैक करीब 400 रुपये में बेचती थीं। हालांकि पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है।

कई इलाकों में फैला था कारोबार

पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों बहनें शहर की कांशीराम कॉलोनियों सहित कई इलाकों में नशीले पदार्थ की सप्लाई कर रही थीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से नशे का कारोबार युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। कई परिवारों के बच्चे नशे की लत के कारण बर्बादी की कगार पर पहुंच चुके हैं। लोगों ने पुलिस कार्रवाई का स्वागत करते हुए ऐसे नेटवर्क के खिलाफ और सख्त कदम उठाने की मांग की है।

घर के भीतर छिपाकर रखी जाती थी स्मैक

प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी महिलाएं स्मैक को घर के विभिन्न हिस्सों में छिपाकर रखती थीं। ग्राहक आने पर उसे छोटी-छोटी पुड़ियों में पैक कर बेचा जाता था। इस तरीके से वे लंबे समय तक पुलिस और आसपास के लोगों की नजरों से बची रहीं। अधिकारियों का मानना है कि नशा कारोबारियों ने अब अपने तौर-तरीकों में बदलाव कर लिया है और वे पकड़ से बचने के लिए नए तरीके अपना रहे हैं।

सप्लायर और नेटवर्क की तलाश में पुलिस

गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस का फोकस इस बात पर है कि दोनों बहनों को स्मैक की आपूर्ति कौन करता था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस मोबाइल फोन, संपर्क सूत्रों और आर्थिक लेन-देन की भी जांच कर रही है ताकि पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

महिलाओं को बनाया जा रहा नशा कारोबार का चेहरा

विशेषज्ञों और पुलिस अधिकारियों का मानना है कि हाल के वर्षों में नशा तस्करों ने अपने काम करने के तरीके बदल दिए हैं। पुलिस की सख्ती बढ़ने के बाद कई गिरोह महिलाओं को आगे कर अवैध कारोबार संचालित करा रहे हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि शक कम हो और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की निगरानी से बचा जा सके। बिजनौर का यह मामला भी इसी बदलते ट्रेंड की ओर संकेत करता है, जिसने पुलिस की चिंता और बढ़ा दी है।

नशे के खिलाफ जारी रहेगा अभियान

पुलिस ने साफ किया है कि जिले में नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा। अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी नशे के कारोबार की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समाज को इस गंभीर खतरे से बचाया जा सके।

Updated on:
09 Jun 2026 12:04 am
Published on:
09 Jun 2026 12:04 am