खेजड़ी के पेड़ों की कटाई के विरोध में चल रहे खेजड़ी बचाओ आंदोलन के तहत सोमवार को बीकानेर बंद का असर नजर आया। आंदोलन के समर्थन में व्यापारिक संगठनों ने दोपहर दो बजे तक बाजार बंद रखे, जबकि स्कूलों में आधे दिन की छुट्टी रही।
बीकानेर। खेजड़ी के पेड़ों की कटाई के विरोध में चल रहे खेजड़ी बचाओ आंदोलन के तहत सोमवार को बीकानेर बंद का असर देखने को मिला। आंदोलन के समर्थन में शहर के व्यापारिक संगठनों ने अपने प्रतिष्ठान दोपहर दो बजे तक बंद रखे। वहीं, शहरी क्षेत्र के सरकारी और निजी स्कूलों में आधे दिन की छुट्टी घोषित की गई।
बंद को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने शहरभर में पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए। शाम को बिश्नोई धर्मशाला के पास आमसभा आयोजित की जाएगी। इसमें भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग बीकानेर पहुंच रहे हैं। आमसभा में शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी, विधायक अभिमन्यु पूनिया, पूर्व मंत्री भंवर सिंह भाटी समेत कई नेता शामिल होंगे। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि वे गर्दन कटा सकते हैं, लेकिन खेजड़ी को नहीं कटने देंगे। प्रशासन को झुकना पड़ेगा और घुटने टेकने पड़ेंगे।
आंदोलनकारियों का कहना है कि खेजड़ी सिर्फ एक पेड़ नहीं, बल्कि मरुस्थल की जीवनरेखा है। यह पर्यावरण, संस्कृति और आस्था का प्रतीक है। उनका मानना है कि यदि खेजड़ी का संरक्षण नहीं हुआ, तो रेगिस्तान की हरियाली और जीवन का संतुलन गंभीर खतरे में पड़ जाएगा। आंदोलनकारियों का आरोप है कि बीकानेर सहित पश्चिमी राजस्थान में सोलर कंपनियां नए प्रोजेक्ट्स की आड़ में बड़े पैमाने पर खेजड़ी के पेड़ों की कटाई कर रही हैं। कई बीघा भूमि पर सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए जमीन को पूरी तरह साफ किया जा रहा है।
आरोप यह भी लगाया गया है कि कई स्थानों पर रात के अंधेरे में खेजड़ी के पेड़ों को काटकर जमीन में दबा दिया जाता है, ताकि विरोध सामने न आ सके। खेजड़ी बचाओ आंदोलन के तहत कलेक्टरेट परिसर और करणीसर भाटियान में पर्यावरण प्रेमी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं। इससे पहले बिश्नोई समाज की मुकाम में आयोजित एक बड़ी बैठक में बीकानेर बंद का आह्वान किया गया था। बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल ने भी आंदोलन को समर्थन देते हुए बंद का ऐलान किया।