Kotgate RUB Project Bikaner : रियासत काल से हजारों लोगों की परेशानी बने कोटगेट रेलवे फाटक पर आरयूबी बनने का रास्ता साफ हो गया है। भूमि अधिग्रहण के बाद शनिवार को 12 में से 7 निजी संपत्ती मालिकों को बीकानेर विकास प्राधिकरण ने मुआवजा राशि सौंप दी है।
बीकानेर। रियासत काल से हजारों लोगों की परेशानी बने कोटगेट रेलवे फाटक पर आरयूबी बनने का रास्ता साफ हो गया है। भूमि अधिग्रहण के बाद शनिवार को 12 में से 7 निजी संपत्ती मालिकों को बीकानेर विकास प्राधिकरण ने मुआवजा राशि सौंप दी है। बीकानेर विकास प्राधिकरण के आयुक्त सिद्धार्थ पलानिचामी के अनुसार इस रेलवे अडंर पास ( आरयूबी) निर्माण के लिए कुल 12 निजी परिसंपत्तियों का अधिग्रहण किया गया है। जिसका निर्णय पारित किया जा चुका है।
अधिग्रहण में आने वाली कुल 12 संपत्तियों में सात निजी संपत्तियों के मालिकों को मुआवजा राशि के चैक सौंप दिए गए है। शेष रही पांच निजी संपत्तियों के मालिकों की ओर से दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवाए जाने के कारण मुआवजे का भुगतान शेष है। पांच परिसंपत्तियों के मालिक किसी भी कार्य दिवस में दस्तावेज उपलब्ध करवा कर मुआवजा प्राप्त कर सकते हैं।
बीकानेर विकास प्राधिकरण आयुक्त के अनुसार रेलवे अडंर पास निर्माण को लेकर इन संपत्तियों के मालिकों को 5 करोड 14 लाख 15 हजार 475 रुपए का भुगतान किया जाना है । सात संपत्तियों के मालिको को मुआवजा राशि दी जा चुकी है, पांच की राशि शेष है। वहीं सांखला रेल फाटक पर बनने वाले अंडर पास के लिए कुल 23 निजी संपत्तियों के अधिग्रहण की कार्रवाई की जानी है।
बीडीए उपायुक्त ऋषि सुधांशु पाण्डे के अनुसार आरयूबी निर्माण को लेकर जिन संपत्तियों के मालिकों को मुआवजा राशि के चैक सौंप दिए गए है, उनसे 15 दिवस में संपत्तियों के कब्जा लेने की कार्रवाई पूर्ण की जाएगी। उपायुक्त बीडीए और उपायुक्त निगम यह कार्रवाई पूर्ण करेंगे। संपत्तियों की जमीनें सार्वजनिक निर्माण विभाग को सुपुर्द की जाएगी।
कोटगेट और सांखला रेल फाटकों की समस्या के समाधान के लिए 57 करोड़ रुपए की लागत से आरयूबी और अंडर पास का निर्माण होगा । सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता विमल कुमार गहलोत के अनुसार कोटगेट आरयूबी बॉक्स की लंबाई 15 मीटर होगी। दोनो ओर एप्रोच रोड का निर्माण होगा। कोटगेट से लगभग 20 मीटर दूर से यह निर्माण होगा व फडबाजार चौराहा से पहले तक होगा। आरयूबी में रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की व्यवस्था होगी। बारिश का पानी सीधे भूमि के नीचे पहुंचेगा ।