
Daughter Died After Father Death: कभी-कभी दुख ऐसा होता है, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल हो जाता है। बज्जू उपखंड के निकटवर्ती चक 3 बीजेएम (ए) में मंगलवार को ऐसा ही हृदयविदारक मंजर देखने को मिला, जिसने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। जिस घर में पिता के अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं, उसी घर से कुछ घंटों बाद बेटी की मौत की खबर ने परिवार ही नहीं, पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। पिता के निधन का सदमा सहन नहीं कर पाने पर 22 वर्षीय पुत्री ऋतु ने डिग्गी में कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। कुछ ही घंटों के अंतराल में पिता और पुत्री की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
जानकारी के अनुसार चक 3 बीजेएम (ए) निवासी पतराम पुत्र मंगलाराम गोदारा (60) सोमवार रात बज्जू कस्बे में अपने निर्माणाधीन मकान में रुके हुए थे। मंगलवार सुबह जब वे ढाणी नहीं पहुंचे तो परिजनों को चिंता हुई। पड़ोसियों ने जाकर देखा तो पतराम कुर्सी पर अचेत अवस्था में बैठे मिले। उन्हें तत्काल बज्जू उपजिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उनकी मृत्यु हृदयाघात से हुई।
उधर, परिजन पतराम का शव अस्पताल से ढाणी लाने और अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे हुए थे। इसी दौरान उनकी 22 वर्षीय पुत्री ऋतु को पिता के निधन की सूचना मिली। परिवारजनों के अनुसार पिता से बेहद लगाव रखने वाली ऋतु यह खबर सुनकर गहरे सदमे में चली गई। घर में मातम पसरा हुआ था और हर आंख नम थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह दुखद घटना एक और बड़ा दर्द दे जाएगी। कुछ देर बाद ऋतु बिना किसी को बताए घर से निकल गई। परिजनों ने सोचा कि वह किसी रिश्तेदार के साथ होगी, लेकिन काफी देर तक नजर नहीं आने पर उसकी तलाश शुरू की गई। गांव और आसपास के क्षेत्र में खोजबीन के दौरान डिग्गी की ओर जाते हुए उसके पदचिह्न दिखाई दिए। आशंका होने पर ग्रामीणों ने तैराकों की मदद से डिग्गी में तलाश की, जहां से ऋतु का शव बरामद हुआ।
ग्रामीण और परिजन तत्काल उसे बज्जू उपजिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने उसे भी मृत घोषित कर दिया। बेटी की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। जिस घर में पहले से शोक का माहौल था, वहां चीख-पुकार और विलाप गूंज उठा।
मृतका के भतीजे पवन कुमार पुत्र सहीराम गोदारा की रिपोर्ट पर बज्जू पुलिस थाने में मर्ग दर्ज की गई है। पुलिस ने कार्रवाई के बाद दोनों शव परिजनों को सुपुर्द कर दिए। गांव के लोगों का कहना है कि ऐसा दर्दनाक दृश्य उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। जिस आंगन से पिता की अंतिम यात्रा निकलनी थी, वहीं कुछ घंटों बाद बेटी की अर्थी भी सज गई। जब पिता और पुत्री की अर्थियां एक साथ घर से निकलीं तो माहौल बेहद भावुक हो गया। हर आंख नम थी और पूरा गांव शोक में डूबा नजर आया।