बीकानेर

Bikaner: मालिक के 54.5 लाख रुपए देखकर डगमगाया ईमान, रिश्तेदारों के साथ मिलकर रची ऐसी कहानी कि खुद ही फंस गया

दिल्ली के चांदनी चौक में 54.5 लाख रुपए की कथित लूट का मामला फर्जी निकला। बीकानेर निवासी वासुदेव ने रिश्तेदार के पैसों को हड़पने के लिए साथियों संग साजिश रची थी। दिल्ली पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर 50 लाख रुपए बरामद किए हैं।
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Jun 07, 2026
Bikaner News
नौकर ने चचेरे भाई संग मिलकर रच डाली लूट की झूठी कहानी (फोटो-एआई)

बीकानेर: दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में 54.5 लाख रुपए की लूट का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। लूट की वारदात की कहानी बीकानेर के एक व्यक्ति ने ही रची थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित वारदात में शामिल छह लोगों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से 50 लाख रुपए की नकदी भी बरामद कर ली गई है।

दिल्ली के उत्तरी जिला डीसीपी राजा बंटिया के अनुसार, 26 मई को बीकानेर निवासी वासुदेव ने लाहौरी गेट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि वह शास्त्री नगर में अपने रिश्तेदार राजेंद्र उर्फ राजू के पास रहता है, जो मनी ट्रांसफर का काम करता है।

मालिक ने उसे 54.5 लाख रुपए से भरा बैग चांदनी चौक के कुचा घासीराम में पहुंचाने के लिए दिया था। फतेहपुरी के एसपीएम रोड टी-प्वाइंट पर दो लड़कों ने वासुदेव पर हमला कर उसकी शर्ट फाड़ दी और मोबाइल व पैसों से भरा बैग लूटकर भाग गए

500 से ज्यादा कैमरों की फुटेज खंगाली

पुलिस की दो टीमों ने घटनास्थल और आसपास के 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में सामने आया कि जब आरोपी बैग छीन रहे थे तो वासुदेव ने कोई विरोध नहीं किया और न ही भागने की कोशिश की। इससे पुलिस को शक हुआ। पूछताछ में वासुदेव ने कबूल किया कि वह पिछले छह महीने से अपने रिश्तेदार राजू के यहां काम कर रहा था।

इतनी बड़ी रकम देखकर उसने अपने चचेरे भाई पुरुषोत्तम, जो बीकानेर में रहता है और फोटोग्राफर दोस्त रामनिवास के साथ मिलकर लूट की झूठी कहानी रचने की साजिश रची। रामनिवास ने अपने साथी फोटोग्राफर मनोज मोटसर और कमल भारती को भी इसमें शामिल कर लिया।

राजस्थान और उत्तराखंड से पकड़े गए आरोपी

पुलिस ने पहले वासुदेव को गिरफ्तार किया, फिर अन्य आरोपियों की तलाश में राजस्थान और उत्तराखंड में छापेमारी की। टेक्निकल सर्विलांस की मदद से पुरुषोत्तम को राजस्थान के जालोर से दबोचा गया।

कमल भारती को बीकानेर के फतोगुरा से और मनोज मोटसर को बीकानेर के रानीसर से गिरफ्तार किया गया। मनोज के पास से 16 लाख रुपए बरामद हुए। वहीं, रामनिवास को नागौर के एक होटल से गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से 34 लाख रुपए मिले।

Updated on:
07 Jun 2026 02:15 pm
Published on:
07 Jun 2026 02:15 pm