
Social Boycott After Live-in Relationship: पति की मौत के बाद युवती का लिव-इन रिलेशनशिप में रहना एक परिवार के लिए भारी साबित हुआ। समाज की पंचायत ने उसके भाइयों का सामाजिक बहिष्कार कर दिया। मामला बज्जू थाना क्षेत्र के तेजपुरा गांव का है। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक और थाना पुलिस को परिवाद देकर न्याय की गुहार की है। परिवाद में बताया गया है कि समाज के कुछ लोगों ने पंचायत कर उनके परिवार पर विवाह समारोहों, सामाजिक आयोजनों और अन्य सामुदायिक कार्यक्रमों में शामिल होने पर रोक लगा दी है। साथ ही लगातार धमकियां देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
परिवादी के अनुसार उसकी बहन का विवाह वर्ष 2012 में हुआ था। उसके तीन बेटियां है। मई माह में उसके पति की मौत हो गई। पति की मृत्यु के बाद वह ससुराल में रह रही थी। यहां उसे मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। बाद में वह अपनी इच्छा से एक युवक के साथ चली गई। इसके बाद समाज के कुछ लोगों ने पंचायत बुलाकर पूरे परिवार के खिलाफ सामाजिक कार्रवाई करने का निर्णय किया। इतना ही नहीं, समाज के अन्य लोगों को भी परिवार से किसी प्रकार का संबंध नहीं रखने के निर्देश दिए गए। परिवादी का कहना है कि इस फैसले के बाद परिवार लगातार सामाजिक और मानसिक दबाव का सामना कर रहा है।
पीड़ित परिवार ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कथित रूप से सामाजिक बहिष्कार करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। परिवार का आरोप है कि उन्हें लगातार धमकियां देकर डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है।
दोनों पक्ष एक ही समाज के हैं और पहले से पारिवारिक विवाद के चलते मनमुटाव चल रहा था। प्रथमदृष्टया समाज से बहिष्कार जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। फिर भी दोनों पक्षों को बुलाकर समझाइश की जा रही है। जल्द ही मामले का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल परिवाद के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
चन्द्रजीत सिंह भाटी, थाना प्रभारी, बज्जू