
Rajasthan News : राजस्थान के शिक्षा विभाग की नई पहल। बोर्ड परीक्षा में उत्तीर्ण होने के साथ ही विद्यार्थियों को अपने भविष्य और कॅरियर की चिंता सताने लगती है। वह आगे की पढ़ाई के कॅरियर के अनुरूप विषय का चयन करता है। जिसमें सफलता से उसका भविष्य तय होता है। अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में स्कूली और उच्च शिक्षा की पढ़ाई में कॅरियर और व्यावसायिक शिक्षा को महत्व दिया गया है। इसी कड़ी में 10 फरवरी को प्रदेश के 11 हजार से अधिक स्कूलों में कॅरियर मेले आयोजित किए जाएंगे। इनमें विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों को भी बुलाया जाएगा। मेले में विद्यार्थी के कॅरियर पर गहन मंथन होगा।
राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से प्रदेश के 11 हजार 905 राजकीय स्कूलों में कॅरियर मेला का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए 11 हजार 751 कलस्टर विद्यालय तथा 154 पीएमश्री स्कूल चयनित किए गए है। इनमें 10 फरवरी को कॅरियर मेला लगाकर शिक्षक तथा उद्यमी मिलकर विद्यार्थियों को कॅरियर संबंधी मार्गदर्शन देंगे। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ सही कॅरियर का चयन करने में मदद मिलेगी। उद्यमियों को बुलाकर उद्योगों से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। जिससे विद्यार्थी के मन में स्कूली पढ़ाई करते-करते ही भविष्य में कॅरियर बनाने की दिशा में बढ़ने की प्रक्रिया साथ-साथ चलने लगेगी। विद्यार्थी बेरोजगार नहीं भटकेगा।
कॅरियर मेले में अन्य सरकारी विभागों रोजगार एवं श्रम विभाग और राजविका की भागीदारी भी रहेगी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, कृषि विभाग, पर्यटन विभाग, उद्योग विभागों को भी इससे जोड़ा गया है। प्रतिनिधि अपने-अपने विभाग से जुड़े क्षेत्रों की जानकारी विद्यार्थियों को देंगे।
प्रदेश में कॅरियर मेले लगने वाले 11 हजार 905 विद्यालयों में 386 स्कूल बीकानेर जिले के शामिल है। इनमें 381 कलस्टर विद्यालय एवं 5 पीएमश्री विद्यालय शामिल है। मेले के लिए प्रत्येक कलस्टर विद्यालय को 15-15 हजार रुपए का बजट आवंटित किया है। जबकि पीएमश्री विद्यालय को 50-50 हजार रुपए दिए गए है। इससे विद्यार्थियों के लिए प्रोत्साहन सामग्री, स्मृति चिन्ह, प्रचार प्रसार सामग्री, अल्पाहार, स्टॉल एवं टैंट आदि की व्यवस्था की जाएगी।
कॅरियर मेले से विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा। वे अपनी रुचि एवं पसंद के अनुसार कॅरियर चयन करने में सक्षम बनेंगे। शिक्षा विभाग ने इस प्रकार के मेले पिछले वर्ष भी आयोजित किए थे। इनमें सैकड़ों विद्यार्थियों को फायदा मिला। इस बार विषय विशेषज्ञों को बुलाकर विद्यार्थियों से संवाद कराया जाएगा। शिक्षा अधिकारियों एवं प्राचार्यों को अवगत कराया गया है।
आशीष मोदी, माध्यमिक शिक्षा निदेशक शिक्षा निदेशालय