बीकानेर

Rajasthan: लंबे समय से गायब सरकारी शिक्षकों पर शिकंजा, निदेशालय ने तत्काल रिपोर्ट की तलब

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से अनुपस्थित शिक्षकों को लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सख्त रुख अपनाया है। प्रदेशभर से ऐसे शिक्षकों का पूरा रिकॉर्ड तत्काल मांगा गया है। माना जा रहा है कि इस कवायद के आधार पर विभाग प्रशासनिक और अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
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Jul 14, 2026
Rajasthan Education Department
Rajasthan: अनुपस्थित शिक्षकों की रिपोर्ट तलब (फोटो-पत्रिका)

बीकानेर। राजस्थान के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से अनुपस्थित शिक्षकों के मामलों पर अब शिक्षा विभाग गंभीर नजर आ रहा है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेशभर में ऐसे शिक्षकों की विस्तृत जानकारी तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में संयुक्त निदेशक (कार्मिक) की ओर से सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों को आदेश भेजा गया है।

जारी निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक संभाग से उन शिक्षकों का पूरा विवरण निर्धारित प्रारूप में मांगा गया है जो लंबे समय से विद्यालयों में अनुपस्थित हैं। रिपोर्ट में संबंधित शिक्षक का नाम, विषय, वर्तमान पदस्थापन स्थल, कब से अनुपस्थित हैं और अनुपस्थिति का कारण स्पष्ट रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा गया है।

रिपोर्ट के आधार पर हो सकती है कार्रवाई

निदेशालय के इस कदम से संकेत मिल रहे हैं कि विभाग बिना अनुमति या लंबे समय से विभिन्न कारणों से ड्यूटी से दूर रहने वाले शिक्षकों के मामलों की राज्य स्तर पर समीक्षा करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आगे आवश्यक प्रशासनिक और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

स्कूलों में शिक्षकों की कमी का होगा आकलन

विभागीय सूत्रों के अनुसार, जुटाई जा रही जानकारी का उपयोग कई महत्वपूर्ण उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है। इनमें सेवा अभिलेखों का सत्यापन, अनुशासनात्मक कार्रवाई, विद्यालयों में वास्तविक रिक्त पदों का आकलन और जरूरत के अनुसार शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना शामिल हो सकता है। इससे यह भी स्पष्ट होगा कि किन स्कूलों में शिक्षकों की कमी है और किन पदों पर लंबे समय से कार्य नहीं हो रहा है।

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शिक्षकों का तैयार होगा खाका

सूत्रों का यह भी कहना है कि हाल ही में हुए तबादलों के बाद कुछ स्थानों पर दोहरे पदस्थापन जैसी स्थितियां सामने आई हैं। ऐसे मामलों को व्यवस्थित करने के लिए भी लंबे समय से अनुपस्थित व्याख्याताओं और शिक्षकों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। संभावना है कि जहां शिक्षक लंबे समय से अनुपस्थित हैं, वहां स्थानांतरित शिक्षकों का समायोजन करने में यह जानकारी उपयोगी साबित होगी।

जारी आदेश में सूचना तलब करने की वजह स्पष्ट नहीं

हालांकि, निदेशालय की ओर से जारी आदेश में सूचना तलब करने का स्पष्ट उद्देश्य नहीं बताया गया है, लेकिन जिस तरह तत्काल रिपोर्ट मांगी गई है, उससे साफ है कि विभाग इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रहा है। अब सभी संभागीय कार्यालयों से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

Updated on:
14 Jul 2026 04:55 pm
Published on:
14 Jul 2026 04:55 pm