
APAAR ID: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में अपार (ऑटोमेटेड परमानेंट उकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) आईडी कार्ड बनाने में देरी हो रही है। इसको लेकर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने जिले के 2534 निजी और सरकारी स्कूलों को नोटिस जारी किया है। साथ ही बच्चों के आधार और यूडाइस नंबर को समय पर स्कूल शिक्षा विभाग के पोर्टल में अपडेट करने के निर्देश दिए हैं।
नई शिक्षा नीति-2020 के तहत शुरू हुए 'वन नेशन वन स्टूडेंट आईडी के तौर पर ही यह अपार आईडी काम करेगी। इस आईडी के माध्यम से दुनिया के किसी भी कोने में विद्यार्थी अपने शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल रूप देख सके और उसका उपयोग कर सकेंगे।
आप इस ID में एक अद्वितीय 12-अंकीय कोड छात्रों को स्कोर कार्ड, मार्कशीट, ग्रेडशीट, डिग्री, डिप्लोमा, प्रमाण पत्र और सह-पाठ्यचर्या उपलब्धियों सहित अपने सभी शैक्षणिक क्रेडिट को डिजिटल रूप से संग्रहीत, प्रबंधित और एक्सेस करने में मदद करेगा।
APAAR ID: जिला शिक्षा अधिकारी टीकाराम साहू ने सभी स्कूलों को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि अगले दो दिनों में बच्चों के आधार और यूडाइस नंबर अपडेट नहीं होते हैं तो सत कार्रवाई की जाएगी। सरकारी स्कूलों पर विभागीय और निजी स्कूलों की मान्यता रद्द करने तक की चेतावनी दी गई है। यह कदम बच्चों के शैक्षिक रिकॉर्ड को नियमित और अपडेटेड रखने के लिए उठाया गया है, ताकि कोई योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
One Nation One Student: चौंकाने वाली बात यह है कि वर्तमान में शिक्षा विभाग के ऑनलाइन पोर्टल में केवल 1 लाख 26 हजार 479 बच्चों का आधार कार्ड ही वेरिफाइड हुआ है, जबकि कई बच्चों के यूडाइस नंबर भी जनरेट नहीं हुए हैं। इसके कारण अपार कार्ड बनाने की प्रक्रिया में देरी हो रही है, जो बच्चों की अपार कार्ड बनाने में व्यवधान उत्पन्न कर रहा है। यूडाइस और आधार अपडेट के बिना बच्चों का अपार कार्ड बनाना संभव नहीं है।
वर्तमान में बिलासपुर जिले के 2534 स्कूलों में पढ़ाई कर रहे कुल 3 लाख 98 हजार 683 बच्चों का अपार कार्ड बनना है। हालांकि, एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद केवल 18 हजार 214 बच्चों का ही अपार कार्ड बन पाया है। ऐसे में कार्ड बनाने में जिला लगातार पिछड़ रहा है। इसे देखते हुए डीईओ ने जिले के 2534 निजी और सरकारी स्कूलों को नोटिस जारी करते हुए जल्द से जल्द बच्चों की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
बिलासपुर संभाग में अपार कार्ड बनाने की रतार बेहद कमजोर रही है और बिलासपुर जिले का प्रदर्शन प्रदेश के अन्य जिलों की तुलना में काफी पीछे है। प्रदेश स्तर पर बिलासपुर जिला 26 वें स्थान पर है, यहां अब तक केवल 4 प्रतिशत ही कार्ड बन पाए हैं। जो कि शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों के लिए चिंता का विषय है। अधिकारियों का मानना है कि इस गति से कार्य की स्थिति बनी रही तो शेष बच्चों के अपार कार्ड बनवाने में और अधिक समय लग सकता है, जिससे उनका शैक्षिक रिकॉर्ड अपडेट नहीं हो पाएगा।