बिलासपुर

ऑनलाइन कमाई के चक्कर में गंवा बैठे लाखों, बिलासपुर में शेयर ट्रेडिंग और पेंशन कार्ड के नाम पर बड़ा साइबर फ्रॉड

Senior Citizen Fraud: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में साइबर ठगों ने शेयर ट्रेडिंग में पैसा डबल करने और पेंशन कार्ड बनवाने का झांसा देकर तीन लोगों से 26.29 लाख रुपये ठग लिए।
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Updated: 30 Oct 2026, 1:05 PM IST
CG Cyber Fraud
बिलासपुर में साइबर ठगों का नया जाल (Photo Source- Patrika File Photo)

CG Cyber Fraud: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। शातिर ठग अब लोगों को अलग-अलग तरीकों से अपने जाल में फंसाकर उनकी जीवनभर की कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं। ताजा मामलों में शेयर ट्रेडिंग के जरिए रातों-रात पैसा दोगुना करने का लालच और वरिष्ठ नागरिक पेंशन कार्ड बनवाने का झांसा देकर तीन लोगों से कुल 26 लाख 29 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई है। इन घटनाओं में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग भी ठगों का शिकार हो गए, जिनके बैंक खाते से नौ बार में 11 लाख 29 हजार रुपये निकाल लिए गए। पुलिस के सामने आए इन मामलों ने एक बार फिर ऑनलाइन निवेश और सोशल मीडिया पर दिखने वाले विज्ञापनों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ठग अब बैंक और सरकारी योजनाओं के नाम का इस्तेमाल कर लोगों का भरोसा जीत रहे हैं और फिर उनकी गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल कर खातों से रकम निकाल रहे हैं।

Facebook Scam: शेयर ट्रेडिंग में पैसा डबल करने का दिया झांसा, दो लोगों से 15 लाख की ठगी

बिलासपुर के तोरवा और सरकंडा थाना क्षेत्रों में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर साइबर धोखाधड़ी के दो मामले सामने आए हैं। दोनों मामलों में ठगों ने पीड़ितों को शेयर बाजार में निवेश कर कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया। आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि निवेश की गई रकम कुछ ही दिनों में दोगुनी हो जाएगी। अधिक मुनाफा कमाने की उम्मीद में पीड़ित ठगों के झांसे में आ गए। तोरवा क्षेत्र के एक व्यक्ति ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 8 लाख रुपये गंवा दिए। वहीं, सरकंडा इलाके के दूसरे व्यक्ति से 7 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। दोनों पीड़ितों को जब अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला, तब उन्होंने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब शिकायतों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

फेसबुक पर दिखा ICICI बैंक का विज्ञापन, बुजुर्ग ने कर दिया क्लिक

साइबर ठगी का तीसरा मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र से सामने आया है। यहां उसलापुर के पास अल्का एवेन्यू में रहने वाले 70 वर्षीय पवन चक्रवर्ती को ठगों ने अपना शिकार बनाया। बुजुर्ग फेसबुक चला रहे थे, इसी दौरान उन्हें ICICI बैंक के लोगो वाला एक विज्ञापन दिखाई दिया।विज्ञापन में वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेंशन कार्ड बनवाने की जानकारी दी गई थी। बैंक का लोगो देखकर बुजुर्ग को विज्ञापन असली लगा और उन्होंने उस पर क्लिक कर दिया। इसके बाद साइबर ठगों ने उनसे संपर्क किया और पेंशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर जरूरी जानकारी मांगी। ठगों ने बुजुर्ग से पैन कार्ड, बैंक खाते और एटीएम से जुड़ी गोपनीय जानकारियां हासिल कर लीं। इसके बाद उनके बैंक खाते से रकम निकालने का सिलसिला शुरू हो गया।

नौ बार में खाते से निकाले 11 लाख 29 हजार रुपये

आरोपियों ने बुजुर्ग के बैंक खाते से एक बार में पूरी रकम निकालने के बजाय अलग-अलग नौ ट्रांजैक्शन किए। इस तरह उनके खाते से कुल 11 लाख 29 हजार रुपये पार कर दिए गए। जब बुजुर्ग को खाते से पैसे निकलने की जानकारी मिली, तब तक उनकी बड़ी रकम ठगों के हाथ लग चुकी थी। पेंशन कार्ड बनवाने के नाम पर शुरू हुई बातचीत का अंत लाखों रुपये की ठगी के रूप में हुआ। इस घटना से साफ है कि साइबर अपराधी अब बैंक और वित्तीय संस्थानों के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को आसानी से भरोसे में ले रहे हैं। खासकर वरिष्ठ नागरिकों को सरकारी योजनाओं, पेंशन और बैंकिंग सुविधाओं के नाम पर निशाना बनाया जा रहा है।

साइबर ठगों से बचने के लिए पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

लगातार सामने आ रहे साइबर ठगी के मामलों को देखते हुए पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाले हर विज्ञापन को सही नहीं मानना चाहिए। खासकर कम समय में पैसा दोगुना करने, गारंटीड रिटर्न देने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर आने वाले विज्ञापनों की पहले जांच करनी चाहिए। किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने बैंक खाते, एटीएम, पैन कार्ड और अन्य वित्तीय जानकारियां साझा नहीं करनी चाहिए। बैंक या किसी वित्तीय संस्था के नाम से आने वाले संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से भी बचना चाहिए।

साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें कॉल

पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि अगर किसी के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है, तो घबराने के बजाय तुरंत कार्रवाई करें। साइबर ठगी की जानकारी मिलते ही राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। शिकायत जितनी जल्दी दर्ज होगी, ठगी गई रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने और संबंधित बैंक खातों पर कार्रवाई करने की संभावना उतनी बेहतर हो सकती है। बिलासपुर में सामने आए इन तीन मामलों ने एक बार फिर साबित किया है कि साइबर अपराधी लोगों के लालच और भरोसे दोनों का फायदा उठा रहे हैं। ऐसे में ऑनलाइन निवेश करने या किसी योजना के लिए आवेदन करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि करना बेहद जरूरी है। छोटी सी लापरवाही जीवनभर की जमा पूंजी पर भारी पड़ सकती है।

Updated on:
30 Oct 2026, 1:05 PM IST
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