
MD के नाम से भेजा फर्जी मैसेज (photo source- Patrika)
Online Scam Alert: छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी में एक बड़े साइबर ठगी प्रयास का मामला सामने आया है, जहां अज्ञात ठगों ने कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) के नाम का इस्तेमाल कर अधिकारियों को लाखों रुपये ट्रांसफर करने के लिए झांसे में लेने की कोशिश की। हालांकि अधिकारियों की सतर्कता और समझदारी से यह प्रयास विफल हो गया।
जानकारी के मुताबिक, ठगों ने एक फर्जी मोबाइल नंबर (99315-25803) से कंपनी के अधिकारियों को व्हाट्सएप मैसेज भेजे। इन संदेशों में खुद को एमडी राजेश कुमार शुक्ला बताते हुए कहा गया कि वे एक महत्वपूर्ण बैठक में व्यस्त हैं और तत्काल एक बड़ी रकम ट्रांसफर करनी है। संदेश में करीब 49 लाख 60 हजार 801 रुपये आरटीजीएस के जरिए एक निर्धारित बैंक खाते में भेजने का दबाव बनाया गया। साथ ही बैंक का नाम, खाता संख्या, आईएफएससी कोड और लाभार्थी का विवरण भी साझा किया गया, ताकि संदेश वास्तविक लगे।
ठगों ने मैसेज में “अभी तुरंत”, “मीटिंग में हूं” और “जरूरी है” जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर अधिकारियों पर मानसिक दबाव बनाने की कोशिश की। यह तरीका साइबर ठगों की आम रणनीति मानी जाती है, जिसमें सामने वाले को सोचने का समय न देकर तुरंत निर्णय लेने पर मजबूर किया जाता है। संदेश मिलने के बाद अधिकारियों ने बिना जल्दबाजी किए इसकी पुष्टि की। जांच में सामने आया कि यह पूरी तरह से एक सुनियोजित साइबर फ्रॉड का प्रयास था। समय रहते सच सामने आने से कंपनी को लाखों रुपये के नुकसान से बचा लिया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही एमडी राजेश कुमार शुक्ला ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। स्पष्ट रूप से कहा गया कि किसी भी परिस्थिति में बिना पुष्टि के कोई वित्तीय लेन-देन न किया जाए। साथ ही कर्मचारियों से अपील की गई कि ऐसे किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या ईमेल से सावधान रहें और तुरंत संबंधित नंबर को ब्लॉक करें।
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के मामलों में ठग अक्सर “मीटिंग में हूं”, “तुरंत पैसे भेजो” और “किसी को मत बताना” जैसे वाक्यों का उपयोग करते हैं, ताकि व्यक्ति घबराहट में आकर गलती कर बैठे। इसलिए किसी भी वित्तीय निर्देश को हमेशा आधिकारिक माध्यम से दोबारा सत्यापित करना जरूरी है। इस मामले की शिकायत तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज कराई गई है, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके और ऐसे गिरोहों पर रोक लगाई जा सके।
Updated on:
14 Apr 2026, 11:33 AM IST
Published on:
14 Apr 2026, 11:32 AM IST
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