
ठगी (फोटो सोर्स- Freepik)
CG Fraud News: बिलासपुर में नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। एक सेवानिवृत्त कर्मचारी से उसके बेटे को रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब 15 लाख रुपए ठग लिए गए। आरोप है कि आरोपी महिलाओं ने फर्जी दस्तावेज और ईमेल के जरिए भरोसा दिलाकर कई साल तक रकम ऐंठा।
तोरवा क्षेत्र निवासी एन. वेंकट सूर्यप्रताप, जो निजी क्षेत्र से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि अगस्त 2020 में उन्हें तेनिटी इंद्राणी नामक महिला का फोन आया। महिला ने उनके बेटे को रेलवे में नौकरी दिलाने का दावा किया और शुरुआत में 6 लाख रुपए की मांग की। बातचीत के बाद 4 लाख रुपये देने की बात तय हुई और बेटे के दस्तावेज ईमेल के जरिए मंगवाए गए।
आरोप है कि इंद्राणी ने अपनी बेटी वलिवेती वेंकट नागा कीर्ति के बैंक खाते में रकम ट्रांसफर करने को कहा। पहले 4 लाख रुपए जमा कराए गए, फिर 50-50 हजार की अतिरिक्त रकम ली गई। इसके बाद राजनीतिक कोटा और अन्य बहानों से रकम बढ़ाई गई। जब नौकरी नहीं लगी तो आरोपियों ने कोविड-19 और चुनाव का हवाला देकर समय टाल दिया।
शिकायत के अनुसार, जून 2024 में आरोपियों ने रेल मंत्रालय के नाम से एक फर्जी नियुक्ति पत्र ईमेल के जरिए भेजा, जो देखने में बिल्कुल असली जैसा था। इसी भरोसे में आकर पीड़ित ने और रकम देना जारी रखा।
दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच आरोपियों ने फिर से रकम की मांग की और अलग-अलग तारीखों में यूपीआई, बैंक ट्रांसफर और एनईएफटी के जरिए पैसे जमा कराए गए। पीड़ित के अनुसार, कुल मिलाकर करीब 15 लाख रुपए 18 अलग-अलग ट्रांजेक्शन में आरोपियों के खातों में ट्रांसफर किए गए। शिकायत पर तोरवा पुलिस ने अपराध दर्ज कर लिया है।
वहीं शहर में ऑनलाइन पेमेंट के नाम पर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। फर्जी स्क्रीनशॉट के जरिए एक व्यापारी से करीब 17 लाख 84 हजार रुपए की धोखाधड़ी की गई। आरोपी ने भुगतान करने का झांसा देकर लगातार माल उठाया, लेकिन वास्तविक भुगतान कभी नहीं किया। मामला तारबहार थाना क्षेत्र का है। इंजीनियर्स कॉलोनी कुदुदण्ड निवासी संदीप अग्रहरि, जो व्यापार विहार में अनाज का थोक व्यवसाय करते हैं, ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है।
उनके अनुसार, नवंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच भटगांव (जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़) निवासी व्यापारी राजेन्द्र खाण्डेकर फोन के माध्यम से लगातार चावल का ऑर्डर देता रहा। हर बार माल भेजने के बाद आरोपी व्हाट्सएप पर ऑनलाइन पेमेंट के स्क्रीनशॉट भेजकर भुगतान होने का दावा करता था। शुरुआती भरोसे के चलते व्यापारी माल भेजते रहे, लेकिन बाद में बैंक खाते की जांच करने पर एक भी राशि प्राप्त नहीं हुई। इस तरह आरोपी ने पांच महीनों में कुल 17.84 लाख रुपए का माल लेकर ठगी को अंजाम दिया।
Updated on:
03 Apr 2026 01:42 pm
Published on:
03 Apr 2026 01:41 pm
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