बिलासपुर

CG High Court: रिटायर्ड कांस्टेबल से वसूली पर हाईकोर्ट की सख्ती, आदेश रद्द, रकम लौटाने के निर्देश

High Court: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त कांस्टेबल रतन बहादुर को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ जारी वसूली आदेश को निरस्त कर दिया है।

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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (Photo Patrika)

CG High Court: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त पुलिस कर्मचारी रतन बहादुर को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ जारी वसूली आदेश को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उनसे वसूली गई राशि तत्काल वापस की जाए।

अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय ने बताया कि, नारायणी होम्स सकरी निवासी रतन बहादुर छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की दूसरी बटालियन में कॉस्टेबल (ट्रेड) पद पर पदस्थ थे। 62 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद उन्हें सेवानिवृत्त किया गया। सेवानिवृत्ति के करीब डेढ़ माह बाद कोष, लेखा एवं पेंशन विभाग, बिलासपुर ने यह कहते हुए वसूली आदेश जारी कर दिया कि सेवाकाल के दौरान उन्हें गलत वेतनवृद्धि के कारण अधिक भुगतान हुआ है।

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सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला बना आधार

याचिकाकर्ता ने अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय और ऋषभदेव साहू के माध्यम से हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर कर इस आदेश को चुनौती दी। पक्षकारों ने दलील दी कि स्टेट ऑफ पंजाब बनाम रफीक मसीह, थॉमस डेनियल बनाम स्टेट ऑफ केरला और जोगेश्वर साहू बनाम यूनियन ऑफ इंडिया जैसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट स्पष्ट कर चुका है कि सेवानिवृत्ति के बाद या उससे ठीक पहले वेतन की कथित अधिक भुगतान राशि की वसूली नहीं की जा सकती, खासकर तृतीय श्रेणी कर्मचारियों से।

वसूली गई राशि लौटाने का आदेश

हाईकोर्ट ने इन न्यायिक दृष्टांतों को आधार मानते हुए पाया कि रतन बहादुर तृतीय श्रेणी कर्मचारी थे और उनके सेवानिवृत्त होने के बाद वसूली आदेश जारी किया गया, जो नियमों के विरुद्ध है। कोर्ट ने वसूली आदेश को निरस्त करते हुए दूसरी बटालियन, सकरी के सेनानी को निर्देशित किया कि याचिकाकर्ता से वसूली गई राशि तत्काल वापस की जाए।

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Updated on:
26 Apr 2026 05:42 pm
Published on:
26 Apr 2026 05:41 pm
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