बिलासपुर

Woman Doctor Arrested: सर्पदंश नहीं, साजिश थी! फर्जी पोस्टमार्टम केस में SIMS की पूर्व डॉक्टर अरेस्ट

Chhattisgarh Crime News: बिलासपुर के फर्जी सर्पदंश मामलों में पुलिस ने SIMS की पूर्व डॉक्टर डॉ. प्रियंका सोनी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने मौत के वास्तविक कारण छिपाकर सर्पदंश से मौत की फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार की थी।
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Woman Doctor Arrested
Woman Doctor Arrested: महिला डॉक्टर अरेस्ट(photo-patrika)

Woman Doctor Arrested: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के तोरवा थाना क्षेत्र में सामने आए फर्जी सर्पदंश मामलों की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने के आरोप में सिम्स (SIMS) में पदस्थ रहीं महिला डॉक्टर डॉ. प्रियंका सोनी को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

इससे पहले इस मामले में एक वकील समेत तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार, दोनों मामलों में मौत के वास्तविक कारण को छिपाकर सर्पदंश से मौत दर्शाई गई थी, जिससे पूरे मामले ने गंभीर आपराधिक साजिश का रूप ले लिया है।

Fake Postmortem Report: जांच में खुली फर्जी रिपोर्ट की परतें

तोरवा पुलिस ने बताया कि तहसील कार्यालय के नायब नाजीर की शिकायत के आधार पर महमंद निवासी निसार खान और लता सूर्यवंशी की संदिग्ध मौत के मामलों की जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान यह सामने आया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम तत्कालीन सिम्स चिकित्सक डॉ. प्रियंका सोनी ने किया था।

आरोप है कि डॉ. सोनी ने दोनों मामलों में सर्पदंश से मौत होने की फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार की। पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद कार्रवाई करते हुए 18 जुलाई को उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

पहले भी हो चुकी हैं कई गिरफ्तारियां

इस मामले में पुलिस पहले ही मृतक निसार खान की पत्नी सफीना बानो, लता सूर्यवंशी के पति संतोष सूर्यवंशी और अधिवक्ता रंजीत कुमार चतुर्वेदी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। हालांकि, पूरे प्रकरण का मुख्य आरोपी बताए जा रहे अधिवक्ता श्रवण वस्त्रकार अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस के मुताबिक, श्रवण वस्त्रकार लंबे समय से गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और उनका इलाज चल रहा है।

एक और मामले में दर्ज है केस

डॉ. प्रियंका सोनी का नाम सिविल लाइन थाना क्षेत्र के एक अन्य मामले में भी सामने आया है। तालापारा निवासी पवन यादव की मौत के मामले में भी उन्होंने कथित तौर पर सर्पदंश से मौत की रिपोर्ट दी थी, जबकि जांच में मौत का कारण हार्ट अटैक पाया गया। इस मामले में मृतक के परिजनों के खिलाफ भी कार्रवाई हो चुकी है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने के पीछे आर्थिक लाभ, बीमा क्लेम या अन्य किसी प्रकार की साजिश तो नहीं थी।

Updated on:
19 Jul 2026 01:15 pm
Published on:
19 Jul 2026 01:02 pm