बिलासपुर

Malaria in Bilaspur: बिलासपुर में मलेरिया की दस्तक, एक ही परिवार के 3 बच्चे संक्रमित, 72 गांव हाई अलर्ट पर

Chhattisgarh Malaria Alert: बिलासपुर के कोटा विधानसभा क्षेत्र के औरापानी गांव में एक ही परिवार के तीन बच्चों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। तीनों का सिम्स अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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Malaria in Bilaspur
एक ही परिवार के तीन बच्चों को मलेरिया (photo source- Patrika)

Malaria in Bilaspur: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा विधानसभा क्षेत्र के जंगल इलाकों में एक बार फिर मलेरिया ने दस्तक दे दी है। औरापानी गांव से करीब दो किलोमीटर अंदर जंगल में रहने वाले एक ही परिवार के तीन बच्चों में मलेरिया की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। तीनों बच्चों को बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर स्थित सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर लगाकर जांच और सर्वे अभियान तेज कर दिया गया है।

Bilaspur Health News: एक ही परिवार के तीन बच्चे संक्रमित

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कोटा मुख्यालय से लगभग 22 किलोमीटर दूर स्थित औरापानी गांव के जंगल क्षेत्र में रहने वाले रामलाल यादव के परिवार के छह सदस्यों में से तीन बच्चों की तबीयत खराब होने पर जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में तीनों बच्चों में मलेरिया संक्रमण की पुष्टि हुई। संक्रमित बच्चों की पहचान राकेश, लोकेश और हेमलता के रूप में हुई है। तीनों की उम्र 10 से 14 वर्ष के बीच बताई गई है। फिलहाल सभी बच्चों का इलाज बिलासपुर सिम्स अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में जारी है।

परिवार के अन्य सदस्यों की भी हुई जांच

मलेरिया की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। चिकित्सक डॉ. वी.के. वैष्णव और मलेरिया अधिकारी कृष्णा कुमारी ने परिवार के अन्य सदस्यों की भी स्वास्थ्य जांच की। राहत की बात यह रही कि परिवार के बाकी सदस्यों में संक्रमण के लक्षण नहीं मिले। हालांकि एहतियात के तौर पर पूरे परिवार की लगातार निगरानी की जा रही है।

औरापानी में लगाया गया स्वास्थ्य शिविर

संक्रमण की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने औरापानी गांव में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाया। शिविर में करीब 150 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की गई। सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित लोगों को दवाइयां वितरित की गईं, जबकि संदिग्ध मरीजों के रक्त नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी अन्य व्यक्ति में संक्रमण की पुष्टि होती है तो तत्काल उपचार शुरू किया जाएगा।

72 गांव पहले से संवेदनशील, बढ़ाई गई निगरानी

कोटा क्षेत्र के 72 गांव पहले से मलेरिया प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रघोषित हैं। हर वर्ष बारिश के मौसम में यहां मच्छरों के बढ़ते प्रजनन के कारण मलेरिया के मामलों में बढ़ोतरी की आशंका रहती है। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बेलगहना, आमाडोप और आसपास के उप स्वास्थ्य केंद्रों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। इन क्षेत्रों में लगातार सर्वे, रक्त जांच, मच्छर नियंत्रण और जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

Chhattisgarh Health Department: स्वास्थ्य विभाग ने जारी की निगरानी व्यवस्था

जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. प्रमोद तिवारी ने बताया कि संक्रमित तीनों बच्चों को सिम्स अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है। साथ ही औरापानी तथा आसपास के गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाने, संदिग्ध मरीजों की जांच करने और लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी नए मामले की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

बारिश में क्यों बढ़ता है मलेरिया का खतरा?

बारिश के मौसम में जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों का प्रजनन तेजी से होता है। यही वजह है कि जंगल और दूरस्थ क्षेत्रों में मलेरिया का खतरा अधिक रहता है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेज बुखार, ठंड लगना, शरीर दर्द या लगातार कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। साथ ही मच्छरदानी का उपयोग करें और घर के आसपास पानी जमा न होने दें।

Updated on:
24 Jul 2026 12:59 pm
Published on:
24 Jul 2026 12:59 pm
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