बिलासपुर

Sanju Tripathi Murder Case: संजू त्रिपाठी हत्याकांड में बड़ा फैसला, मुख्य आरोपी कपिल समेत 22 आरोपी बरी

Sanju Tripathi Murder News: बिलासपुर के चर्चित संजू त्रिपाठी हत्याकांड में जिला न्यायालय ने मुख्य आरोपी कपिल त्रिपाठी समेत सभी 22 आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। 2022 में हुए इस हत्याकांड का फैसला अब चर्चा में है।
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Updated: 30 Oct 2026, 1:53 PM IST
Sanju Tripathi Murder Case
Sanju Tripathi Murder Case: संजू त्रिपाठी हत्याकांड में बड़ा फैसला(photo-AI)

Sanju Tripathi Murder Case: छत्तीसगढ़ के चर्चित संजू त्रिपाठी हत्याकांड में जिला न्यायालय ने अहम फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी कपिल त्रिपाठी समेत सभी 22 आरोपियों को बरी कर दिया है। इनमें उत्तर प्रदेश के कथित शूटर भी शामिल हैं। अदालत ने आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त किया। गौरतलब है कि 14 दिसंबर 2022 को बिलासपुर के सकरी बाइपास पर संजू त्रिपाठी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में कपिल त्रिपाठी सहित 22 लोगों को गिरफ्तार किया था। अब अदालत के फैसले के बाद मामला फिर चर्चा में है।

Sanju Tripathi Case Verdict: सकरी बाइपास पर कार घेरकर की गई थी फायरिंग

यह वारदात 14 दिसंबर 2022 को बिलासपुर के सकरी बाइपास पर हुई थी। कुदुदंड निवासी संजू त्रिपाठी अपनी कार से जा रहे थे। इसी दौरान हमलावरों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। हमले में संजू त्रिपाठी की मौके पर ही मौत हो गई थी। दिनदहाड़े हुई इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई थी।

संपत्ति विवाद को लेकर भाइयों में थी रंजिश

पुलिस जांच के मुताबिक, संजू त्रिपाठी और उनके भाई कपिल त्रिपाठी के बीच पैतृक संपत्ति और जमीन के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। जांच एजेंसियों ने इस रंजिश को हत्या की वजह बताया था। पुलिस का आरोप था कि संपत्ति और वर्चस्व को लेकर दोनों भाइयों के बीच तनाव बढ़ता गया और इसी के चलते हत्या की साजिश रची गई।

पुलिस ने यूपी के कथित शूटरों समेत 22 लोगों को किया था गिरफ्तार

हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया था कि कपिल त्रिपाठी ने संजू की हत्या के लिए उत्तर प्रदेश से शूटर बुलाए थे। इस मामले में कपिल त्रिपाठी, कथित शूटरों और अन्य सहयोगियों सहित कुल 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया था।

अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में रहा असफल

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ आरोप संदेह से परे साबित नहीं हो सके। गवाहों के बयानों में विरोधाभास और ठोस साक्ष्यों की कमी को देखते हुए अदालत ने सभी 22 आरोपियों को बरी करने का आदेश दिया।

फैसले के बाद जांच और साक्ष्यों पर उठे सवाल

संजू त्रिपाठी हत्याकांड में सभी आरोपियों के बरी होने के बाद पुलिस की जांच और अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। करीब चार साल पुराने इस मामले में अदालत के फैसले ने एक बार फिर गंभीर आपराधिक मामलों में मजबूत साक्ष्य जुटाने और उन्हें न्यायालय में साबित करने के महत्व को सामने ला दिया है।

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30 Oct 2026, 1:53 PM IST
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