बिलासपुर

Bilaspur Scrap Mafia: थाने के अंदर चाय-सत्कार! कबाड़ माफिया की VIP ट्रीटमेंट वाली फोटो ने मचाया बवाल

Scrap Mafia Akbar Khan: बिलासपुर के कोनी थाने में कथित कबाड़ माफिया अकबर खान की VIP खातिरदारी की तस्वीर वायरल होने के बाद पुलिस पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
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Bilaspur Scrap Mafia
थाने को कमीशन देने पहुंचा माफिया (फोटो सोर्स: पत्रिका)

Bilaspur Scrap Mafia: छत्तीसगढ़ की बिलासपुर से पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शहर के कोनी थाना में कथित कबाड़ माफिया अकबर खान की ‘VIP खातिरदारी’ की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। तस्वीर में आरोपी थाने के भीतर आराम से बैठकर चाय पीता नजर आ रहा है, जिसके बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और उसके दावों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

Bilaspur Scrap Mafia: सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर

वायरल तस्वीर में साफ दिखाई दे रहा है कि कथित कबाड़ कारोबारी अकबर खान थाने के अंदर कुर्सी पर आराम से बैठा है और उसके सामने चाय रखी हुई है। तस्वीर में मौजूद माहौल देखकर ऐसा बिल्कुल नहीं लगता कि वह किसी मामले में आरोपी है। इस तस्वीर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने पुलिस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

‘VIP खातिरदारी’ से बढ़ा विवाद

स्थानीय लोगों और राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि आखिर एक आरोपी को थाने के अंदर इतनी विशेष सुविधा क्यों दी जा रही थी। आरोप लगाए जा रहे हैं कि कोनी पुलिस और कबाड़ माफिया के बीच सांठगांठ है, जिसके चलते अवैध कारोबार को संरक्षण दिया जा रहा है।

पुलिसकर्मियों की भूमिका पर उठे सवाल

मामले में प्रधान आरक्षक बालेश्वर तिवारी और आरक्षक अनुज जांगड़े की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि हर महीने तय रकम के बदले अवैध कबाड़ कारोबार को संरक्षण दिया जाता है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

एसपी के निर्देशों के बावजूद हल्की कार्रवाई

हैरानी की बात यह है कि महज दो दिन पहले ही बिलासपुर पुलिस के एसपी ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को अवैध कबाड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। लेकिन कोनी थाना क्षेत्र में संचालित इस कथित कबाड़ दुकान पर पुलिस ने केवल 170 बीएनएस के तहत कार्रवाई कर औपचारिकता पूरी कर दी।

Bilaspur Scrap Mafia: ASP ने दी सफाई

पूरे मामले पर एडिशनल एसपी पंकज पटेल का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि आरोपी को कोई VIP ट्रीटमेंट नहीं दिया गया था, बल्कि दस्तावेजों की जांच के लिए उसे थाने बुलाया गया था। ASP के मुताबिक, विवादित कबाड़ दुकान को फिलहाल सील कर दिया गया है।

वायरल फोटो के बाद पुलिस की छवि पर असर

इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली पर बहस छेड़ दी है। सवाल यह है कि अगर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही थी, तो फिर थाने के भीतर ऐसा माहौल क्यों नजर आया, जिसने पूरे मामले को विवादों में ला दिया। अब सभी की नजर पुलिस विभाग की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

Updated on:
24 May 2026 01:04 pm
Published on:
24 May 2026 01:04 pm