
Chhattisgarh Politics: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व विधायक शैलेष पांडेय ने वर्तमान विधायक एवं पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल पर जनहित के मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विधानसभा की आठ बैठकों के बावजूद अमर अग्रवाल ने बिलासपुर से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर कोई सवाल नहीं उठाया। शैलेष ने आरोप लगाया कि मंत्री पद की संभावनाओं के चलते वे सरकार के खिलाफ मुखर होने से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को सदन में उठाना हर जनप्रतिनिधि की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
प्रेस क्लब में पत्रकारों से चर्चा करते हुए शैलेष पांडेय ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के मौजूदा कार्यकाल की आठ बैठकों के बावजूद अमर अग्रवाल ने बिलासपुर से जुड़े किसी भी प्रमुख मुद्दे पर सरकार से सवाल नहीं किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री पद की लालसा के कारण विधायक सरकार के खिलाफ बोलने और जनहित के विषयों को उठाने से बच रहे हैं। शैलेष ने कहा कि जनता ने उन्हें अपनी समस्याओं की आवाज बनने के लिए चुना है, लेकिन विधानसभा में उनकी चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
पूर्व विधायक ने कहा कि बिलासपुर में जलभराव, पेयजल संकट, बढ़ते अपराध, ट्रैफिक व्यवस्था, जर्जर सड़कें और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली जैसी समस्याएं लगातार बनी हुई हैं। इसके अलावा, युवाओं के रोजगार, स्वामी आत्मानंद स्कूलों के बंद होने, कोनी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थिति, अपोलो अस्पताल में गरीबों के इलाज और हवाई सेवाओं के विस्तार जैसे मुद्दे भी लंबे समय से चर्चा में हैं। उनका आरोप है कि इन महत्वपूर्ण विषयों को विधानसभा में उठाने का प्रयास नहीं किया गया।
शैलेष पांडेय ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के दौरान विधायक रहते हुए उन्होंने बिलासपुर के हित में विधानसभा में 392 प्रश्न पूछे थे। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि का दायित्व केवल सदन में मौजूद रहना नहीं, बल्कि जनता की आवाज को मजबूती से सरकार तक पहुंचाना होता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं जनहित से ऊपर नहीं होनी चाहिए।
पूर्व विधायक ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आगे भी बिलासपुर और प्रदेश की जनता से जुड़े मुद्दों को सड़क से लेकर विधानसभा तक उठाती रहेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पार्टी जनहित के सवालों पर लगातार सक्रिय रहेगी और जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रहेगी। हालांकि, अमर अग्रवाल की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।