
Aakash Kaushik On Late Mukul Dev: बॉलीवुड में अपनी दमदार अदायगी और अनूठे अंदाज से एक खास पहचान बनाने वाले मंझे हुए अभिनेता मुकुल देव (Mukul Dev) आज भले ही हमारे बीच नहीं हैं। साल 2025 में उनके अचानक और असमय निधन ने पूरी इंडस्ट्री को गहरा सदमा दिया था। उनके निधन से पहले की गई उनकी आखिरी फिल्मों में से एक 'उड़ता तीर' (Udata Teer) है, जिसमें उन्होंने अजहर मकसूद नामक एक मोस्ट वांटेड पाकिस्तानी का किरदार निभाया था। फिल्म में उनका यह किरदार कॉमिक रिलीफ देता है। उसी को लेकर फिल्म के निर्देशक आकाश कौशिक ने मुकुल देव के साथ जुड़ी खास यादें शेयर की हैं।
टाइम्स नाउ संग उड़ता तीर के डायरेक्टर आकाश कौशिक ने खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने मुकुल देव के साथ काम करने के अनुभव को याद किया। उन्होंने बताया कि वह हमेशा से मुकुल की कला के बड़े फैन रहे हैं। उन्होंने 'यमला पगला दीवाना' और 'सन ऑफ सरदार' जैसी फिल्मों में मुकुल की कॉमिक टाइमिंग और अभिनय को बेहद पसंद किया था।
मुकुल देव को कास्ट करने के किस्से को शेयर करते हुए आकाश ने कहा, "मैं हमेशा सोचता था कि लोग इस कलाकार को क्यों नहीं कास्ट कर रहे जो एकदम असली सोना है। जब मैंने स्क्रिप्ट पूरी कर ली, तो मुझे पता था कि इस रोल के लिए वही एकदम सही हैं। जब मैंने उनसे संपर्क किया, तो उनकी हंसी बहुत प्यारी थी। आइडिया सुनते ही वेह फोन पर जोर-जोर से हंसने लगे और उन्होंने तुरंत फिल्म के लिए हां कह दिया।"
आकाश ने यह भी बताया कि शूटिंग खत्म होने के बाद भी मुकुल रोजाना रात को 12 से 12:30 बजे उन्हें फोन करते थे और फिल्म व अपने किरदार को लेकर नए सुझाव देते थे। वह बेहद उत्साहित और पूरी तरह से समर्पित थे। मुकुल अक्सर कहते थे कि फिल्म रिलीज होने के बाद लोग उन्हें उनका असली हक और सराहना देंगे। डायरेक्टर ने भावुक होते हुए कहा कि भले ही आज वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उन्होंने मुकुल से जो वादा किया था, उसे पूरी तरह निभाया है।
मुकुल देव ने अपने लंबे करियर में टेलीविजन से लेकर फिल्मों तक में अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया। उनकी सहज अदायगी और किरदारों में जान फूंकने की कला ने उन्हें हमेशा अन्य कलाकारों से अलग खड़ा किया। 'उड़ता तीर' में उनका यह पाकिस्तानी कॉमिक किरदार दर्शकों के चेहरों पर हंसी लाने के साथ-साथ हमेशा के लिए यादगार बन गया है। उनकी यह फिल्म उनके बेहतरीन अभिनय का एक और बेहतरीन उदाहरण है, जो उनके जाने के बाद भी उनकी विरासत को जीवंत रखती है।