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फिल्में छीनी गईं… फिर बॉलीवुड का ‘बैड बॉय’ कहा गया; कांटों भरी राह में आदित्य पंचोली ने कैसे बनाई इंडस्ट्री में पहचान

Aditya Pancholi 61st Birthday: हिंदी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता आदित्य पंचोली 4 जनवरी को अपना 61वां जन्मदिन मनाएंगे। इस खास मौके पर, आइए उनके फिल्मी सफर और स्ट्रगल पर नजर डालते हैं।

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Jan 03, 2026
आदित्य पंचोली की पुरानी तस्वीर (इमेज सोर्स: एक्टर इंस्टाग्राम स्क्रीनशॉट)

Aditya Pancholi Struggle Story: हिंदी सिनेमा के 'बैड बॉय' के नाम से पहचाने जाने वाले आदित्य पंचोली का सफर जितना ग्लैमरस दिखता है, उतना ही कांटों भरा रहा है। लंबी कद-काठी और स्टार जैसी पर्सनैलिटी लेकर इंडस्ट्री में कदम रखने वाले आदित्य ने हीरो बनने का सपना तो देखा, लेकिन सफर ने कई बार उनकी राह मोड़ दी। हां, उनसे फिल्में छीनी गईं, विवादों ने पीछा नहीं छोड़ा और उन्हें निगेटिव किरदारों में ढाल दिया। इसके बावजूद उन्होंने अपनी खास पहचान बनाई और 90 के दशक की फिल्मों में गहरी छाप छोड़ी। 4 जनवरी को अपना 61वां जन्मदिन मनाने जा रहे इस अभिनेता का स्ट्रगल आज भी लोगों के लिए दिलचस्प कहानी है।

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नेपोटिज्म का एक्टर हो चुके हैं शिकार

27 अक्टूबर, 2025 को सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर खुलासा करते हुए एक्टर ने बताया था कि वह भी नेपोटिज्म का शिकार हो चुके हैं। एक बड़े एक्टर के कहने पर उन्हें फिल्म से हटा दिया गया था। उस दौरान उन्होंने पोस्ट में लिखा था कि मैं फिल्म तेजाब (1988) के लिए ओरिजिनल चॉइस था, जिसमें मेरे अपोजिट माधुरी दीक्षित (Madhuri Dixit) थीं। फिल्म के डायरेक्टर एन. चंद्रा, जो अभी भी हैं, इस बात को कन्फर्म कर सकते हैं। बदकिस्मती से, एक एक्टर ने अपने बड़े भाई (जो इंडस्ट्री में एक्टिव हैं) से कहकर डायरेक्टर को इंफ्लुएंस करके मुझे रिप्लेस करवा दिया था। मैं ये सब इसलिए कह रहा हूं क्योंकि हाल ही में, मैंने एक एक्टर को अपनी नई रिलीज को प्रमोट करते हुए नेपोटिज्म के बारे में बोलते देखा है। मैं यह साफ-साफ कह दूं कि फिल्म इंडस्ट्री में पॉलिटिक्स नेपोटिज्म से कहीं ज्यादा गहरी है, फेवरेटिज्म, मैनिपुलेशन और पावर गेम्स करियर को फैमिली रिलेशन से कहीं ज्यादा शेप देते हैं।

उनके (आदित्य पंचोली) इस पोस्ट पर जवाब देते हुए एक यूजर ने लिखा था कि ये और कोई नहीं बल्कि अनिल कपूर ही थे। कोई बात नहीं कर्मा वापस लौट के आता है।

निगेटिव खबरों ने जीवन को किया प्रभावित

90 के दशक में आदित्य पंचोली अक्सर फिल्मों से ज्यादा अपने विवादों की वजह से सुर्खियों में रहते थे। उस समय की कई फिल्म मैगजीन में उन पर निगेटिव खबरें छपती थीं, जो धीरे-धीरे उनके करियर पर असर डालने लगीं। इतना सब होने के बावजूद आदित्य ने कभी इन बातों को खुद पर हावी नहीं होने दिया। बल्कि, स्थिति को संभालने के लिए उन्होंने कुछ अन्य सितारों के साथ मिलकर एक कमेटी भी बनाई थी, ताकि झूठी या पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग पर रोक लगाई जा सके।

फिल्मी सफर की बात करें तो आदित्य ने लगभग सभी बड़े सितारों शाहरुख खान, अक्षय कुमार, अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र और अमरीश पुरी के साथ स्क्रीन शेयर की। उन्होंने 1986 में ‘सस्ती दुल्हन महंगा दूल्हा’ से शुरुआत की, लेकिन असली पहचान उन्हें ‘सैलाब’ (1990), ‘साथी’ (1991), ‘तहलका’ (1992), ‘आतिश’ (1994) और ‘यस बॉस’ (1997) जैसी फिल्मों से मिली, जिन्हें दर्शकों ने खूब पसंद किया।

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