
Akshaye Khanna Stepmother Kavita: 'धुरंधर' फिल्म में रहमान डकैत बन लाखों लोगों को अपना दीवाना बनाने वाले अक्षय खन्ना की निजी जिंदगी बेहद मुश्किल भरी रही है। एक सुपरस्टार का बेटा होने के बावजूद उन्होंने अपनी जिंदगी में परिवार की दूरियां और दर्द सहा है। उनके पिता विनोद खन्ना ने पहली पत्नी को तलाक दे दिया था जिससे उनके 2 बेटे अक्षय खन्ना और राहुल खन्ना थे। इसके कुछ सालों बाद उन्होंने दूसरी शादी कविता से की और दोनों परिवारों में चीजे काफी बदल गईं। अब खुद कविता ने परिवार के आपसी रिश्तों और अक्षय और राहुल खन्ना के साथ अपने तालमेल पर ऐसी बातें कही हैं, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं।
कविता खन्ना ने लवीना टंडन के साथ खास बातचीत की। इस दौरान, कविता ने राहुल और अक्षय खन्ना के साथ अपने रिश्ते के बारे में बताया। उन्होंने कहा, 'वह मेरे थे क्योंकि वह विनोद के बच्चे थे। उन्हें मेरा होना ही था। मैंने कभी उनकी मां बनने की कोशिश नहीं की क्योंकि उन्हें सबसे अच्छी मां (गीतांजलि खन्ना) मिली थी।" उन्होंने साफ किया कि उन्होंने बच्चों की जिंदगी में हस्तक्षेप करने के बजाय उन्हें वैसा ही स्वीकार किया जैसे वह दोनों थे।
कविता से आगे विनोद खन्ना की पहली पत्नी गीतांजलि खन्ना के साथ संबंधों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बताया, "हमारे बीच कभी कोई मतभेद नहीं रहा। हम दोनों एक-दूसरे का बहुत सम्मान करते थे और हमारी अपनी सीमाएं तय थीं।" उन्होंने उन काल्पनिक कहानियों को भी सिरे से खारिज कर दिया जिनमें एक महिला को पीड़ित और दूसरी को क्रूर दिखाया जाता है। उन्होंने कहा था कि ये सब सिर्फ काल्पनिक कहानियां हैं। जीवन में, जब आप समझदार होते हैं, तो आप समझदारी से व्यवहार करते हैं। हम जो भी डिसीजन लेते हैं, उन पर कायम रहते हैं और जीवन आगे बढ़ता रहता है।"
वहीं, मिड-डे को दिए एक पुराने इंटरव्यू में अक्षय खन्ना ने अपने पिता विनोद खन्ना के परिवार को छोड़कर जाने के बारे में बात की थी। उन्होंने बताया था, "न सिर्फ परिवार को छोड़ना, बल्कि संन्यास लेना। संन्यास का अर्थ है अपने जीवन को पूरी तरह से त्याग देना- परिवार भी इसका एक हिस्सा है। यह एक जीवन बदलने वाला निर्णय था, जिसे उन्होंने उस समय लेना जरूरी समझा था। पांच साल के बच्चे के रूप में इसे समझना मेरे लिए काफी मुश्किल था।"
एक्टर ने आगे कहा, "उनके अंदर कुछ ऐसा जरूर रहा होगा जिसने उन्हें इतना झकझोर दिया होगा कि उन्हें लगा कि इस तरह का डिसीजन उनके लिए सही था। खासकर जब आपके पास जीवन में सब कुछ हो। ऐसा डिसीजन लेने के लिए अंदर एक बहुत बड़ा बदलाव आना जरूरी है। और साथ ही उस पर अडिग रहना भी जरूरी है।" बता दें, विनोद खन्ना ने 1971 में गीतांजलि से शादी की थी, लेकिन 1985 में उनका तलाक हो गया। इसके बाद 1990 में उन्होंने कविता से शादी की थी।