
Anant Nag React On honoured with Dadasaheb Phalke Award: कन्नड़ और भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को साल 2024 के प्रतिष्ठित दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने बुधवार को इसकी घोषणा की। 22 सितंबर को गुजरात के केवडिया में आयोजित होने वाले 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में अनंत नाग को पुरस्कार दिया जाएगा। जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभिनेता को पोस्ट करके बधाई दी थी, उसी को लेकर अब अनंत नाग ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसका सारा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को दिया है। उन्होंने कहा कि PM मोदी की पहल के कारण ही पुरस्कारों से पक्षपात और नेपोटिज्म पूरी तरह खत्म हुआ है।
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित होने की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद अनंत नाग ने समाचार एजेंसी PTI संग खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने अनंत नाग ने कहा कि एक समय था जब यह पुरस्कार श्रेणी भाई-भतीजावाद और पक्षपात की शिकार हुआ करती थी।
अनंत नाग ने प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए कहा, "फिल्म पुरस्कारों में हमेशा पक्षपात की आशंका बनी रहती थी, लेकिन पीएम मोदी ने इसे पूरी तरह बदल दिया है। वह पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने आम लोगों से उनके मनपसंद नाम सुझाने का अनुरोध किया और इस प्रक्रिया को पहली बार सार्वजनिक बनाया। सच कहूं तो, मुझे इतने बड़े पुरस्कार की बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी। मैं इसे कर्नाटक की जनता को समर्पित करता हूं और पीएम मोदी का दिल से धन्यवाद करता हूं।"
सिनेमा जगत में 50 साल से ज्यादा का समय बिता चुके अनंत नाग को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार 22 सितंबर को गुजरात के केवडिया में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में प्रदान किया जाएगा। यात्रा करने में थोड़ी हिचकिचाहट जताने के बावजूद अभिनेता ने कार्यक्रम में शामिल होने की बात कही। उन्होंने कहा, "जब देश ने मुझे इतना बड़ा सम्मान दिया है, तो मैं वहां जाकर इसे जरूर स्वीकार करूंगा।" वहीं, स्मृति ईरानी ने भी अभिनेता अनंत नाग को दादा साहब फाल्के पुरस्कार मिलने पर खुशी जताई और उन्हें बधाई दी।
रंगमंच और फिल्मों के महानायक अनंत नाग ने अपने करियर में 300 से भी अधिक फिल्मों में काम किया है। 1960 के दशक में कोंकणी, हिंदी और मराठी नाटकों से शुरुआत करने वाले अनंत नाग ने सत्यदेव दुबे, गिरीश कर्नाड और अमोल पालेकर जैसे दिग्गजों के साथ काम किया है।
1973 में कन्नड़ फिल्म 'संकल्प' से डेब्यू करने के बाद वह 1970 और 80 के दशक में भारतीय समानांतर सिनेमा (Parallel Cinema) के प्रमुख चेहरा बने। उन्होंने 'अंकुर', 'निशांत', 'मंथन', 'भूमिका', 'कलयुग' और 'गहराई' जैसी कल्ट हिंदी फिल्मों में यादगार अभिनय किया। इसके अलावा, अपने दिवंगत भाई शंकर नाग द्वारा निर्देशित दूरदर्शन के अमर धारावाहिक 'मालगुडी डेज' (Malgudi Days) में उनकी एक्टिंग को आज भी घर-घर में याद किया जाता है।