AR Rahman on Communal Bias Statement Controversy: संगीतकार ए आर रहमान ने एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर टिप्पणी की है। उन्होंने सफाई देते हुए क्या कुछ कहा है, चलिए आपको बताते हैं।
AR Rahman on Communal Bias Statement Controversy: ऑस्कर विजेता संगीतकार ए आर रहमानहाल के दिनों में अपने एक बयान को लेकर सुर्खियों में रहे, जिसने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कथित 'सांप्रदायिक माहौल' को लेकर बहस छेड़ दी थी। सोशल मीडिया और इंडस्ट्री के एक वर्ग से तीखी प्रतिक्रिया मिलने के बाद अब रहमान ने इस पूरे विवाद पर अपनी बात रखते हुए साफ किया है कि वो इस अध्याय को पीछे छोड़कर आगे बढ़ना चाहते हैं।
दरअसल, 'नॉइज एंड ग्रेन' पॉडकास्ट के दौरान रहमान ने ये हिंट दिया था कि बीते कुछ सालों में उन्हें फिल्मों में अपेक्षाकृत कम काम मिलने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें इंडस्ट्री के भीतर बदले हुए समीकरण और शक्ति संतुलन भी शामिल हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने पर्दे के पीछे सांप्रदायिक सोच जैसी बात कही थी, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया। आलोचकों ने इसे पूरी इंडस्ट्री पर गंभीर आरोप के तौर पर देखा।
इस विवाद के बाद रहमान ने साफ किया कि उनके शब्दों को गलत संदर्भ में लिया गया। हाल ही में एक पॉडकास्ट बातचीत में उन्होंने कहा कि जीवन में हर तरह की परिस्थितियों के लिए तैयार रहना पड़ता है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सफाई देने के बावजूद कई बार लोग सुनना नहीं चाहते, जबकि जो आपको और आपके काम को समझते हैं, उन्हें किसी अतिरिक्त स्पष्टीकरण की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने कहा- बेहतर होगा अगर हम उस बात से आगे बढ़ जाए।
रहमान के मुताबिक, बार-बार उसी विषय पर अटके रहना उन्हें सही नहीं लगता। उनका मानना है कि रचनात्मक लोगों को आगे बढ़कर नए विचारों और काम पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने ये भी संकेत दिया कि बीते वर्षों में इंडस्ट्री में सत्ता और निर्णय लेने की ताकत ऐसे लोगों के हाथों में चली गई है, जिनकी प्राथमिकता रचनात्मकता नहीं है।
एक दूसरी बातचीत में रहमान ने कहा कि उन्होंने कभी सीधे तौर पर किसी तरह की शत्रुता या भेदभाव महसूस नहीं किया। संभव है कि कई बातें उनसे छिपी रही हों या उन्हें जानने का मौका ही न मिला हो। उन्होंने इसे 'चाइनीज व्हिस्पर' की तरह बताया, जहां खबरें कानों-कान घूमती हैं कि किसी प्रोजेक्ट के लिए उन्हें चुना गया था, लेकिन अंत में कई दूसरे संगीतकारों को काम दे दिया गया।
हालांकि, इस स्थिति को लेकर रहमान में कोई कड़वाहट नहीं दिखी। उन्होंने बेहद सहज अंदाज में कहा कि इससे उन्हें अपने परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिल जाता है। उनके अनुसार, वो काम की तलाश में भटकने के बजाय अपने काम और ईमानदारी के जरिये अवसरों का अपने पास आना पसंद करते हैं। जो उन्हें मिलना चाहिए, वो समय पर मिल जाएगा—ऐसा उनका विश्वास है।