Archana Puran Singh On Bad Working Conditions: फिल्म इंडस्ट्री की चमक-दमक के पीछे छिपी सच्चाई को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। इस बार मशहूर अभिनेत्री और टीवी की लोकप्रिय जज अर्चना पूरन सिंह ने फिल्म सेट्स पर काम करने वाले क्रू मेंबर्स की कठिन परिस्थितियों को लेकर खुलकर नाराजगी जताई है।
Archana Puran Singh On Bad Working Conditions: टीवी इंडस्ट्री का जाना-माना नाम अर्चना पूरन सिंह ने हाल ही में इंडस्ट्री को लेकर एक कड़वी सच्चाई को उजागर किया है। अर्चना ने सेट पर दिखने वाले बुरे माहौल को लेकर बात की है। उन्होंने लंबे शूटिंग शेड्यूल और भोजन जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर निर्माताओं की सोच पर सवाल खड़े किए हैं। उनके बयान के बाद इंडस्ट्री में काम के माहौल को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।
हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में अर्चना पूरन सिंह ने बताया कि आजकल फिल्म सेट्स पर काम के घंटे लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पहले जहां 8 से 10 घंटे की शिफ्ट सामान्य मानी जाती थी, वहीं अब कई जगहों पर 13 से 14 घंटे तक लगातार काम कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस दौरान कई तकनीकी कर्मचारियों को समय पर भोजन तक नहीं मिल पाता, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है।
अर्चना का कहना है कि पर्दे के सामने दिखने वाली स्टारडम के पीछे पर्दे के पीछे काम करने वाले लोग ही असली ताकत होते हैं। अगर वही लोग थकान और भूख के बीच काम करने को मजबूर होंगे तो इसका असर पूरी इंडस्ट्री पर पड़ेगा।
अभिनेत्री ने खास तौर पर लाइटमैन और स्पॉटबॉय जैसे कर्मचारियों का जिक्र करते हुए कहा कि वे घंटों भारी उपकरणों के साथ धूप और गर्मी में काम करते हैं, लेकिन उन्हें समय पर खाने का मौका तक नहीं मिलता। उन्होंने इसे सिर्फ आर्थिक मुद्दा नहीं बल्कि संवेदनशीलता से जुड़ा विषय बताया।
अर्चना ने यह भी कहा कि बड़े कलाकारों के पास तो उनकी टीम होती है जो उनकी जरूरतों का ध्यान रखती है, लेकिन तकनीकी टीम के पास ऐसा कोई सहारा नहीं होता। ऐसे में उनके लिए काम का माहौल बेहतर बनाना बेहद जरूरी है।
अर्चना पूरन सिंह के इस बयान को इंडस्ट्री के अन्य कलाकारों का भी समर्थन मिला है। अभिनेता राजकुमार राव ने सवाल उठाया कि शूटिंग शेड्यूल इस तरह क्यों नहीं बनाए जाते जिससे सभी को समय पर भोजन और आराम मिल सके। वहीं अभिनेत्री सान्या मल्होत्रा ने भी लंबे शिफ्ट घंटों को लेकर चिंता जताई और कहा कि काम के दौरान बुनियादी सुविधाएं हर व्यक्ति का अधिकार हैं।
इन प्रतिक्रियाओं से साफ है कि इंडस्ट्री के अंदर काम करने की परिस्थितियों को लेकर अब कलाकार भी खुलकर सामने आने लगे हैं।
यह मुद्दा पहली बार सामने नहीं आया है। इससे पहले अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने भी 8 घंटे की तय शिफ्ट की मांग उठाई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने कुछ प्रोजेक्ट्स से दूरी भी बनाई थी जब उनकी शर्तों को स्वीकार नहीं किया गया। वहीं अभिनेता अभिषेक बनर्जी ने भी प्रोडक्शन सिस्टम में बदलाव की जरूरत बताई थी।