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वो RBI गवर्नर जिन्होंने देश को आर्थिक तबाही से बचाया, जानें मनोज बाजपेयी की ‘गवर्नर’ की असली कहानी

Is Governor A Real-Life Story: भारत जब आर्थिक संकट के सबसे कठिन दौर से गुजर रहा था और दिवालियापन के कगार पर खड़ा था, तब भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने साहसिक और दूरदर्शी फैसले लिए, जिन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को एक नए रास्ते पर लगाया। मनोज बाजपेयी का किरदार इसी गवर्नर से प्रेरित है, जो देश के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए हर चुनौती का सामना करता है।

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कौन थे वो RBI गवर्नर जिन्होंने भारत को आर्थिक तबाही से बचाया? जानें मनोज बाजपेयी की 'गवर्नर' के पीछे की असली कहानी

Governor film (this photo from x: @1shobii)

Is Governor A Real-Life Story: मनोज बाजपेयी की नई फिल्म 'गवर्नर: द साइलेंट सेवियर' 12 जून को रिलीज हुई और इसे दर्शकों और क्रिटिक्स से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली। बता दें, 1990 में सेट ये फिल्म भारत के उस दौर को दिखाती है जब देश एक बड़े आर्थिक संकट के मुहाने पर खड़ा था। फिल्म देखने के बाद सबके मन में एक सवाल उठता है, क्या ये एक असली कहानी है?

सच्ची घटना से प्रेरित है ये फिल्म

'गवर्नर' पूरी तरह काल्पनिक नहीं है। ये फिल्म भारतीय रिजर्व बैंक के 18वें गवर्नर एस. वेंकटरमणन की लाइफ और कार्यों पर बेस्ड है। बता दें, वेंकटरमणन दिसंबर 1990 से दिसंबर 1992 के बीच RBI के मुख्य रहे और उन्होंने 1991 के ऐतिहासिक बैलेंस ऑफ पेमेंट संकट के दौरान अहम भूमिका निभाई थी। बता दें, उस दौर में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार इतना कम हो गया था कि देश के अंतरराष्ट्रीय दायित्वों को पूरा न कर पाने का खतरा मंडरा रहा था। वेंकटरमणन को RBI गवर्नर ठीक उसी वक्त नियुक्त किया गया था जब स्थिति सबसे नाजुक थी।

इकोनॉमिक थ्रिलर है जो इतिहास के एक खास चैप्टर को दिखाता है

'गवर्नर' के लीड एक्टर मनोज बाजपेयी ने मनीकंट्रोल के साथ बातचीत में बताया कि उन्हें इस फिल्म की कहानी बहुत सरल और दमदार लगी। उनके मुताबिक ये एक ऐसे शख्स की कहानी है जिसे भयंकर संकट में धकेल दिया जाता है और सारी दुनिया उससे समाधान की उम्मीद लगाए बैठी है। पूरी तरह बिगड़ी हुई परिस्थिति में उसे बॉक्स से बाहर सोचना पड़ता है।
इसके साथ ही, मेकर्स ने स्पष्ट किया है कि ये फिल्म असली घटनाओं और एक असली इंसान से प्रेरित जरूर है लेकिन इसमें क्रिएटिव स्वतंत्रता ली गई है। ये एक इकोनॉमिक थ्रिलर है जो इतिहास के एक अहम अध्याय को नाटकीय रूप से पेश करती है।

फिल्म की कहानी है दमदार

अगर फिल्म की कहानी की बात करें, तो साल 1990-91 भारत के लिए ये कोई साधारण दौर नहीं था। देश का विदेशी मुद्रा भंडार इतना कम हो चुका था कि सिर्फ कुछ हफ्तों का आयात बिल भी चुकाना मुश्किल लग रहा था। दिवालिया होने का खतरा सिर पर मंडरा रहा था। ऐसे में देश के कर्णधार सिर्फ राजनेता नहीं थे कुछ तकनीकी विशेषज्ञ, नीति-निर्माता और संस्थागत अधिकारी भी थे, जिन्होंने पर्दे के पीछे रहकर भारत की आर्थिक नींव को टूटने से बचाया। इन्हीं गुमनाम योद्धाओं में से एक थे भारतीय रिजर्व बैंक के तत्कालीन गवर्नर एस. वेंकटरमणन। फिल्म 'गवर्नर' उनकी और उनके साथियों की उसी अनकही दास्तान को पर्दे पर दिखाने वाली है।

फिल्म की टीम

चिन्मय मंडलेकर के निर्देशन और विपुल अमृतलाल शाह के निर्माण में बनी इस फिल्म की पटकथा सुवेंदु भट्टाचार्यजी, सौरभ भारत, रवि असरानी और विपुल शाह ने लिखी है। साथ ही, अदा शर्मा पत्रकार अदिति वर्मा की रोल में हैं, जो इस पूरे घटनाक्रम की एक गवाह बनती हैं। नौशाद मोहम्मद कुंजू तत्कालीन RBI डिप्टी गवर्नर सी. रंगराजन का किरदार निभा रहे हैं। इसके अलावा मधु शाह, कृषा कुरुप और परितोष सैंड भी लीड रोल में नजर आएंगे।