
Arya Babbar On Raj Babbar and Smita Patil: एक हंसता-खेलता परिवार जब अतीत की गलतियों और गलतफहमियों की वजह से बिखरने लगता है, तो उसका दर्द सहना किसी भी इंसान के लिए आसान नहीं होता। कुछ ऐसा ही दर्द इन दिनों बब्बर परिवार के आंगन में साफ महसूस किया जा रहा है। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और राजनेता राज बब्बर के बड़े बेटे आर्य बब्बर ने परिवार को लेकर बड़ा बयान दिया है। आर्य ने अपने परिवार के जटिल इतिहास, पिता के अफेयर्स और अपने छोटे सौतेले भाई प्रतीक स्मिता पाटिल के साथ बिगड़े रिश्तों पर कई ऐसी दर्दनाक सच्चाइयां शेयर की हैं, जिन्हें सुनकर किसी की भी आंखें नम हो जाएं। आर्य ने बताया कि कैसे पिता द्वारा लिए गए फैसलों ने पूरे परिवार की खुशियों को मिट्टी में मिला दिया था।
इंटरव्यू के दौरान जब आर्य बब्बर से उनके पिता राज बब्बर और दिवंगत दिग्गज अभिनेत्री स्मिता पाटिल के रिश्ते को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने बहुत ही व्यावहारिक रुख अपनाया। आर्य ने कहा, "हां, दोनों के बीच मोहब्बत हुई थी और वह आपसी सहमति से थी। लेकिन आप ही बताइए, दुनिया के किस बच्चे को यह अच्छा लगेगा कि उसके पापा का बाहर अफेयर चल रहा हो? अगर आपको अपने पिता के बारे में ऐसा पता चले, तो क्या आपको अच्छा लगेगा?"
आर्य ने आगे कहा कि पुरानी बातों को पकड़कर बैठने का कोई फायदा नहीं है, समय के साथ हर कोई आगे बढ़ जाता है। उन्होंने इस बात का पूरा श्रेय अपनी मां नादिरा बब्बर को दिया, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बाद बच्चों को नफरत करना नहीं सिखाया। आर्य ने बताया, "हमारी मां ने हमें प्रतीक से प्यार और सम्मान से पेश आना सिखाया था, हमारे पिता ने नहीं।"
आर्य बब्बर ने उस दौर को याद किया जब उन्होंने स्मिता पाटिल को "स्मिता मां" कहना शुरू किया था। उन्होंने कहा, "जब मैंने देखा कि छोटा भाई प्रतीक मेरी सगी मां नादिरा को 'मां' कहकर इतनी इज्जत दे रहा है, तो मुझे लगा कि बड़ा भाई होने के नाते मेरा भी फर्ज है कि मैं उसकी मां को वही सम्मान दूं। मैं स्मिता मां को हमेशा वह इज्जत और प्यार देता रहूंगा।"
सौतेले भाई प्रतीक द्वारा बब्बर परिवार से दूरी बनाने और अपना सरनेम बदलने पर आर्य काफी भावुक और आहत नजर आए। उन्होंने प्रतीक पर तंज कसते हुए कहा, "यह कितने बड़े दुख की बात है... जिस स्मिता मां के लिए पापा हम सबको छोड़कर चले गए थे, आज उन्हीं स्मिता मां का बच्चा प्रतीक पापा को पापा मानने से इनकार कर रहा है।"
आर्य ने बताया कि प्रतीक ने बब्बर सरनेम हटाकर पहले 'प्रतीक स्मिथ' किया और अब अपना नाम 'प्रतीक स्मिता पाटिल' रख लिया है। इसके पीछे की वजह शायद अंकज्योतिष (न्यूमरोलॉजी) हो सकती है। आर्य ने खुलासा किया कि उन्होंने फोन, मैसेज और वॉयस नोट के जरिए कई बार प्रतीक से संपर्क साधने की कोशिश की, लेकिन उधर से कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने जन्मदिन पर वॉयस नोट भेजकर बात सुलझाने की अपील भी की थी। आर्य ने आखिर में कहा, "रिश्ते में बहुत बुरी खरोंच लग चुकी है, लेकिन आज भी अगर प्रतीक रात के 3 बजे मुझे फोन करके मदद मांगेगा, तो मैं तुरंत उसके पास जाऊँगा।"