Asha Bhosle News: आशा भोसले इस समय हॉस्पिटल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही हैं। पहले खबर आई थी कि उन्हें हार्ट अटैक आया है लेकिन फिर उनकी पोती ने कंफर्म किया कि उन्हें चेस्ट इंफेक्शन के बाद हॉस्पिटल लाया गया। ऐसे में आइये जानते हैं वो कहानी जब अपनी जिंदगी से तंग आकर आशा भोसले ने आत्महत्या की कोशिश की थी।
Asha Bhosle News: सुरों की मल्लिका और बॉलीवुडकी दिग्गज सिंगर आशा भोसले को लेकर बीती रात एक बड़ी खबर आई कि उन्हें हार्ट अटैक आया है और उन्हें आनन-फानन में मुंबई के कोकिलाबेन हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। इस खबर ने पूरे सोशल मीडिया को चौंका दिया। लोग अपनी फेवरेट सिंगर के लिए दुआ करने लगे। अस्पताल के डॉक्टरों ने कार्डियक अरेस्ट की पुष्टि की, जिसके बाद उन्हें ICU में रखा गया।
बाद में, आशा ताई की पोती ने दादी की हेल्थ अपडेट दी। उन्होंने कहा, मेरी दादी को चेस्ट इंफेक्शन और कमजोरी की वजह से हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है। हमारी प्राइवेसी का सम्मान करें। उनका इलाज चल रहा है, वो जल्द ठीक हो जाएंगी। वहीं, 92 साल की होने के बावजूद आशा जी हमेशा अपनी ऊर्जा और जिंदादिली के लिए जानी जाती रही हैं। वह पर्दे पर जितनी चमकी उनकी जिंदगी उतनी ही बेरंग रही है। एक समय था जब आशा भोसले ने सुसाइड की कोशिश की थी।
आशा भोसले की सुरीली आवाज ने दशकों तक हमारा मनोरंजन किया है, लेकिन उनकी निजी जिंदगी किसी फिल्मी त्रासदी से कम नहीं रही। उनकी बायोग्राफी 'आशा भोसले: ए लाइफ इन म्यूजिक' (लेखिका: राम्या शर्मा) में कुछ ऐसे खुलासे हुए हैं, जो रोंगटे खड़े कर देते हैं। इसमें बताया गया है कि कैसे एक दौर में वह इतनी टूट चुकी थीं कि उन्होंने अपनी जान लेने तक की कोशिश की थी।
बायोग्राफी में दर्ज एक बेहद दर्दनाक किस्सा हमें उस दौर में ले जाता है जब आशा जी मानसिक पीड़ा के चरम पर थीं। उन्होंने खुद खुलासा किया था कि जब वह 4 महीने की प्रेगनेंट थीं, तब उन्होंने नींद की गोलियों से भरी एक पूरी बोतल खा ली थी। वह उस समय अस्पताल में भर्ती थीं और वहां की अव्यवस्था और निजी जीवन के तनाव ने उन्हें 'नरक' जैसा अहसास कराया था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। आशा जी ने लिखा है, "मेरे अजन्मे बच्चे के लिए मेरा प्यार इतना गहरा था कि मौत मुझे छूकर निकल गई। मुझे जीवन में वापस खींच लिया गया।"
आशा भोसले की पहली शादी 16 साल की उम्र में गणपतराव भोसले से हुई थी, जो उनसे 20 साल बड़े थे। बायोग्राफी के अनुसार, उनका ससुराल बहुत रूढ़िवादी था और वह एक गायिका को बहू के रूप में स्वीकार नहीं कर पा रहे थे। उनके पति का स्वभाव काफी गुस्सैल और क्रूर बताया गया है। उन्होंने सालों तक इस पीड़ा को सहा और हिंदू धर्म के संस्कारों का हवाला देते हुए कभी अपने पति के फैसलों पर सवाल नहीं उठाया।
तमाम घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना के बावजूद, आशा भोसले ने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने न केवल अपने बच्चों को पाला, बल्कि संगीत की दुनिया में वह मुकाम हासिल किया जहां पहुंचना नामुमकिन सा लगता है। 'पद्म विभूषण' से सम्मानित इस महान कलाकार ने आज भी अपनी आवाज का जादू बरकरार रखा है। अब ऐसे में जब सिंगर हॉस्पिटल में हैं तो उनके फैंस उनके लिए दुआ कर रहे हैं। हर कोई चाहता है कि आशा ताई जल्दी ठीक होकर घर आ जाएं।