
Rajesh Khanna shooting stone pelting incident:बॉलीवुडके पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना की दीवानगी के किस्से आज भी फिल्म जगत में मशहूर हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक बार उनके क्रेजी फैंस की दीवानगी इस हद तक बढ़ गई थी कि सेट पर पथराव शुरू हो गया था? यह हैरान करने वाला वाकया साल 1971 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'कटी पतंग' की शूटिंग के दौरान का है। हाल ही में मशहूर म्यूजिक रियलिटी शो 'इंडियन आइडल' के मंच पर पहुंचीं दिग्गज अदाकारा आशा पारेख ने इस अनसुने और खौफनाक किस्से से पर्दा उठाया। उन्होंने बताया कि आखिर क्यों लोग पत्थर बरसाने लगे थे।
आशा पारेख ने हंसते हुए राजेश खन्ना के उस किस्से के बारे में बताया, "साल1971 में आई ब्लॉकबस्टर फिल्म 'कटी पतंग' के रोमांटिक गाने की शूटिंग के लिए हमारी पूरी टीम नैनीताल गई हुई थी। स्क्रिप्ट के मुताबिक, राजेश खन्ना और मुझे वहां एक खूबसूरत झील में बोट पर बैठकर शॉट देना था। जब शूटिंग शुरू होनी थी, तब राजेश खन्ना किसी तरह झील के किनारे तक पहुंचे। लेकिन जैसे ही वहां मौजूद लोगों को पता चला कि राजेश खन्ना आए हैं, उन्हें देखने के लिए अचानक इतनी भारी भीड़ उमड़ पड़ी कि हम चाहकर भी नाव तक नहीं पहुंच पा रहे थे। आलम यह था कि उस हुजूम के आगे हमारे लिए कदम आगे बढ़ाना भी नामुमकिन हो गया था।"
आशा पारेख ने उस खौफनाक मंजर को याद करते हुए कहा, "बेकाबू भीड़ की वजह से शूटिंग लोकेशन पर अचानक अफरा-तफरी मच गई थी। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि लोगों को अपने चहेते स्टार राजेश खन्ना से मिलने या उन्हें ठीक से देखने का मौका ही नहीं मिल पा रहा था। इस बात से वहां मौजूद भीड़ नाराज और हताश हो गई और वहां मौजूद कुछ लोगों ने सेट पर पथराव शुरू कर दिया। चारों तरफ से आसमान से इतने पत्थर गिरने लगे कि हम सब बुरी तरह डर गए कि आखिर यह क्या हो रहा है।"
आशा जी ने आगे बताया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डायरेक्टर शक्ति सामंत के पास शूटिंग को तुरंत रोकने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था। उन्होंने कहा, "शक्ति जी ने साफ कह दिया कि इस माहौल में कलाकारों की जान जोखिम में डालकर शूटिंग करना नामुमकिन है, इसलिए उस दिन हमें तुरंत पैकअप करना पड़ा। इसके बाद नैनीताल प्रशासन से भारी पुलिस बल बुलाया गया और अगले दिन पुलिस की सुरक्षा में भीड़ को दूर रखने के बाद ही इस गाने की शूटिंग पूरी हो सकी।"
आपको बता दें कि साल 1971 में रिलीज हुई 'कटी पतंग' हिंदी सिनेमा की सबसे बेहतरीन और यादगार फिल्मों में से एक मानी जाती है। यह फिल्म राजेश खन्ना के करियर के लिए भी एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुई थी। शक्ति सामंत के निर्देशन में बनी इस फिल्म में राजेश खन्ना और आशा पारेख की जोड़ी ने प्यार, त्याग और पहचान की एक बेहद खूबसूरत कहानी पर्दे पर उतारी थी। इस फिल्म का संगीत तो ऐसा था कि इतिहास बन गया। 'ये शाम मस्तानी', 'प्यार दीवाना होता है' और 'ये जो मोहब्बत है' जैसे इसके एवरग्रीन गाने आज अपनी रिलीज के 55 साल बाद भी हर पीढ़ी के दिलों पर राज कर रहे हैं।