Sanjay Dutt Career Prediction: क्या संजय दत्त दोबारा राजनीति में आने की तैयारी कर रहे हैं? उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच, ज्योतिषी विक्रम चंदीररामानी ने भविष्यवाणी की है कि 2026 में एक्टर के करियर में एक बड़ा बदलाव आएगा।
Sanjay Dutt Career Prediction: अगर ज्योतिषी और कोइमोई पत्रिका के फाउंडर विक्रम चंदीररामानी की हालिया भविष्यवाणी पर यकीन किया जाए, तो बॉलीवुड स्टार संजय दत्त जल्द ही पब्लिक लाइफ में एक बड़ी पारी खेलने की तैयारी में जुट सकते हैं। भारतीय सिनेमा के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों में से एक से ताल्लुक रखने वाले इस धुरंधर एक्टर को लेकर एक बार फिर से चर्चाएं तेज हो गई हैं, ऐसे समय में जब खासतौर पर थलापति विजय के तमिलनाडु की सत्ता में आने के बाद फिल्म सितारों के राजनीति में आने को लेकर देशभर में बातें हो रही हैं।
बता दें कि चांदीररामानी वही हैं, जिन्होंने हाल ही में केरल, असम और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के परिणामों की सटीक भविष्यवाणी करके सुर्खियां बटोरीं हैं, का मानना है कि अगले अठारह महीने यानी कि डेढ़ साल संजय दत्त के जीवन में करियर और राजनीति दोनों के लिए यह एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
संजय दत्त के राजनीति में एंट्री करने के अनुमान के बारे में बात करते हुए विक्रम ने कहा, “संजय दत्त के राजनीति में प्रवेश के पहले के प्रयास किसी न किसी रूकावट के चलते असफल रहे, लेकिन इस बार स्थिति अलग हो सकती है। ये साल और अगला साल उनके करियर को बदलने वाला साबित हो सकता है। उन्हें मजबूत तरीके से राजनीति में आने का मौका मिल सकता है।”
इसके आगे उन्होंने आगे कहा, 'इस बदलाव के संकेत बहुत जल्द दिखने शुरू हो सकते हैं। आने वाले जून महीने में इसके संकेत मिलने की संभावना है।' इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा, 'आने वाली 29 जुलाई को उनके जन्मदिन के आसपास या उसके तुरंत बाद इसके ऐलान की भी उम्मीद है। मेरा मानना है कि अगस्त और सितंबर 2026 उनके फिल्मी करियर और राजनीतिक करियर में दोनों के लिए बहुत अहम महीने साबित हो सकते हैं और ये 2027 में भी जारी रहने की संभावना है। हम संजय दत्त को न केवल राजनीति में बल्कि फिल्मों में भी ख्याति प्राप्त करते हुए देख सकते हैं।”
बता दें कि संजय दत्त ने साल 2009 में कुछ समय के लिए राजनीति में कदम रखा था। उस दौरान उन्होंने काफी चर्चा के बीच समाजवादी पार्टी जॉइन की थी। पार्टी ने उन्हें लखनऊ लोकसभा क्षेत्र से अपना उम्मीदवार घोषित किया। हालांकि, 1993 के मुंबई बम धमाकों के मामले में शस्त्र अधिनियम के तहत दोषी ठहराए जाने के कारण चुनाव आयोग ने उन्हें चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया था, इसके बाद उनका राजनीति में आगे बढ़ने का सपना फीका पड़ गया। निराश होने के बावजूद, संजय दत्त शुरुआत में पार्टी से जुड़े रहे और जल्द ही उन्हें महासचिव नियुक्त कर दिया गया। हालांकि, उनका ये जुड़ाव ज्यादा समय तक नहीं चला। जनवरी 2010 में उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया और स्वीकार किया कि राजनीति उनके लिए नहीं है और उन्होंने पूरी तरह से फिल्मों पर ध्यान देने का निर्णय लिया।
अब, पंद्रह साल से ज्यादा समय बाद, उनके राजनीति दोबारा ज्वाइन करने को लेकर अटकलें फिर से तेज हो गई हैं। इस चर्चा में एक और नाम जुड़ गया है उनकी हालिया फिल्म 'आखिरी सवाल', जो सेंसरशिप से जुड़ी कई बाधाओं का सामना करके रिलीज हुई है। यह फिल्म राजनीति पर आधारित है और अपनी कहानी को लेकर पहले से चर्चा में है। मिथुन चक्रबर्ती के बेटे नमाशी चक्रवर्ती भी इसमें अहम किरदार निभा रहे हैं। अब देखना होगा कि यह फिल्म सिर्फ एक राजनीतिक ड्रामा बनकर रह जाती है या संजय दत्त की जिंदगी में नया मोड़ लाती है। अगर भविष्यवाणी सही निकली, तो आने वाले महीने उनके करियर में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
विश्वासक्रम चंद्ररामानी, जो 2001 से ज्योतिष की प्रेक्टिस कर रहे हैं, वो वैदिक और पश्चिमी ज्योतिष को अपनी खास समझ के साथ जोड़कर भविष्य के बारे में गहरी जानकारी देते हैं।