
Celina Jaitly Gets Emotional on Brother Detained: बॉलीवुड अभिनेत्री सेलिना जेटली की जिंदगी बीते कुछ वर्षों में किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही है। ग्लैमर की दुनिया से दूर, वो एक ऐसी निजी लड़ाई लड़ रही हैं, जिसमें दर्द, डर और हौसले-तीनों देखने को मिलते हैं। सेलिना इन दिनों अपने भाई मेजर (रिटायर्ड) विक्रांत कुमार जेटली की रिहाई के लिए कानूनी जंग लड़ रही हैं, जिन्हें सितंबर 2024 से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में हिरासत में रखा गया है। इस संघर्ष ने सेलिना को ऐसे फैसले लेने पर मजबूर कर दिया, जिसने उनकी पूरी जिंदगी की दिशा बदल दी।
सेलिना ने पीटीआई से बात करते हुए हाल ही में खुलासा किया कि जब उन्हें अपने भाई की हिरासत की खबर मिली, तब वो ऑस्ट्रिया में रह रही थीं। ये सूचना उन्हें देर रात फोन कॉल के जरिए मिली थी। शुरुआती पल में वो इसे मजाक समझ बैठीं, लेकिन धीरे-धीरे जब सच्चाई सामने आई, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उस वक्त उनकी खुद की जिंदगी भी उथल-पुथल से गुजर रही थी। वह एक टूटते हुए रिश्ते और घरेलू हिंसा के मानसिक आघात से जूझ रही थीं।
सेलिना पहले ही अपने अलग रह रहे पति के खिलाफ घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगा चुकी हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि बच्चों की खातिर वो लंबे समय तक उस रिश्ते को बचाने की कोशिश करती रहीं, लेकिन हालात लगातार बदतर होते चले गए। भावनात्मक, आर्थिक और पारिवारिक सहारे के बिना वह खुद को अकेला महसूस कर रही थीं। ऐसे समय में भाई की हिरासत की खबर उनके लिए किसी तूफान से कम नहीं थी।
सेलिना ने बताया कि उन्हें एहसास हो गया था कि अगर वो ऑस्ट्रिया में रहीं, तो अपने भाई के लिए कुछ नहीं कर पाएंगी। इसी सोच के साथ उन्होंने रात एक बजे, लगभग बिना पैसों के, क्रेडिट कार्ड से टिकट बुक किया और भारत के लिए रवाना हो गईं। ये फैसला उनके जीवन का सबसे मुश्किल लेकिन सबसे जरूरी कदम था।
भारत लौटने के बाद भी मुश्किलें कम नहीं हुईं। उन्हें अपने ही घर में प्रवेश के लिए कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। इसके साथ-साथ उन्होंने अपने भाई के मामले को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
सेलिना ने अदालत में याचिका दाखिल कर अपने भाई की कथित गैरकानूनी हिरासत का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक न तो उनके भाई की स्थिति की जानकारी दी गई और न ही उसे पर्याप्त कानूनी मदद मिली। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया गया, जिसके चलते यूएई की एक लॉ फर्म को उनके भाई का केस बिना फीस के लड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
विक्रांत जेटली, जो भारतीय सेना में सेवा दे चुके हैं, रिटायरमेंट के बाद दुबई में बस गए थे और वहां एक कंपनी की सह-स्थापना की थी। सेलिना का कहना है कि वह इस लड़ाई को आखिरी दम तक लड़ेंगी।