Filmmaker Vikram Bhatt: विक्रम भट्ट ने 70 दिनों तक जेल में बंद रहने के अपने खौफनाक और दर्दनाक अनुभवों का खुलासा किया है। विक्रम भट्ट ने बताया कि कैसे उन्हें गंभीर बीमारी और पीलिया होने के बावजूद जेल प्रशासन ने इलाज नहीं दिया। वहीं, कैदी उनकी सुरक्षा करते थे उन्हें बीच में सुलाकर खुद साइड में सोते थे, यहां तक की सर्दियों में अपनी रजाई भी उन्हें दे देते थे।

Vikram Bhatt share jail experience: बॉलीवुड के फेमस निर्देशक और हॉरर फिल्मों के बेताज बादशाह विक्रम भट्ट (Vikram Bhatt) पिछले कुछ समय से एक बहुत बड़े कानूनी विवाद और अपनी गिरफ्तारी को लेकर सुर्खियों में थे। इंदिरा आईवीएफ के फाउंडर की दिवंगत पत्नी की बायोपिक से जुड़े एक धोखाधड़ी के मामले में विक्रम भट्ट को पूरे 70 दिन जेल की सलाखों के पीछे गुजारने पड़े थे।
हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद, उन्होंने मीडिया के सामने सलाखों के पीछे बिताए अपने खौफनाक, दर्दनाक और हैरान कर देने वाले अनुभवों को खुलकर शेयर किया है। विक्रम भट्ट ने बताया कि जेल के उस अंधकार वाले माहौल ने न सिर्फ उनकी जिंदगी बदल दी, बल्कि उन्हें मौत के मुंह से भी रूबरू कराया।
एक इंटरव्यू में विक्रम भट्ट ने बताया कि दिसंबर 2025 में जब उन्हें और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को गिरफ्तार किया गया, तो उन्हें मुंबई की चकाचौंध से दूर एक अलग ही दुनिया देखने को मिली। जेल में वह किसी वीआईपी ट्रीटमेंट में नहीं थे, बल्कि एक ही बैरक के अंदर उनके साथ 60 से 80 कैदी बंद थे।
विक्रम ने भावुक होकर बताया, "वहां कैदियों ने मुझे जो इज्जत और प्यार दिया, उसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। वह मुझे 'भीष्म पितामह' कहकर बुलाते थे और मेरा इतना ख्याल रखते थे कि मुझे खुद का कोई काम नहीं करने देते थे। खाना लाने से लेकर मेरे कपड़े धोने तक का ध्यान वही कैदी रखते थे।" विक्रम ने एक मजेदार किस्सा शेयर करते हुए कहा कि हर रात 60-65 कैदी उनके पास आकर बैठ जाते थे और उनसे हॉरर कहानियां सुनाने की जिद करते थे। दो कैदी तो रात भर उनकी सुरक्षा के लिए उनके दोनों तरफ सोते थे।
जेल की यह यात्रा विक्रम भट्ट के लिए शारीरिक रूप से किसी नरक से कम नहीं थी। उन्हें 'एक्सियल स्पॉन्डिलोआर्थराइटिस' नाम की एक खतरनाक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें हड्डियों और जोड़ों में असहनीय दर्द होता है। दिसंबर और जनवरी की कड़कड़ाती ठंड में जेल की ठंडी जमीन पर सिर्फ एक पतली सी चटाई पर सोने की वजह से उनका पूरा शरीर जाम हो गया था।
हद तो तब हो गई जब जेल के अंदर उन्हें पीलिया भी हो गया। विक्रम ने बताया, "मैं ठंड से रात भर कांपता था, तो कैदी अपनी रजाई मुझे उढ़ा देते थे। जब मैंने जेल प्रशासन से इलाज और अस्पताल ले जाने की गुहार लगाई, तो उन्होंने सुरक्षा और गार्ड्स की कमी का बहाना बनाकर मना कर दिया। जब मुझे लगा कि मैं मर जाऊंगा, तो मैंने खुद हिम्मत जुटाई और दवा के अभाव में सिर्फ उबले चने, पानी और फल खाकर खुद को ठीक किया।"
फरवरी 2026 में जेल से बाहर आने के बाद बॉलीवुड के कई बड़े सितारों ने विक्रम भट्ट से संपर्क किया। उनके बचपन के दोस्त अजय देवगन ने उन्हें तुरंत फोन किया। इसके अलावा मिथुन चक्रवर्ती और संजय दत्त जैसे दिग्गजों ने भी उनका हालचाल लिया, जबकि संजय दत्त के साथ विक्रम ने कभी काम भी नहीं किया था। वहीं, जब उनसे अक्षय कुमार के बारे में पूछा गया, तो विक्रम ने बेबाकी से कहा, "अक्षय मेरे दोस्त नहीं हैं, तो वो भला क्यों फोन करेंगे?" साथ ही विक्रम भट्ट ने बॉबी देओल को लेकर भी कई बाते बताई हैं और वह भावुक भी नजर आए।
विक्रम भट्ट ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह बकवास और बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि चार्जशीट में उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है और उन्हें देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। फिलहाल, वे इन कड़वी यादों को पीछे छोड़कर अपनी अगली हॉरर थ्रिलर फिल्म ‘हॉन्टेड 3डी: एकोज ऑफ द पास्ट’ की रिलीज की तैयारियों में जुट गए हैं।