
Govinda-Karisma Kapoor Affair: 90 के दशक में गोविंदा और करिश्मा कपूर की जोड़ी हिंदी सिनेमा की सबसे सफल ऑनस्क्रीन जोड़ियों में गिनी जाती थी। दोनों ने साथ मिलकर एक के बाद एक कई सुपरहिट फिल्में दीं। उनकी कैमिस्ट्री को दर्शकों ने इतना पसंद किया कि लंबे समय तक यह जोड़ी बॉक्स ऑफिस की गारंटी बन गई। हालांकि, फिल्मों से ज्यादा दोनों के रिश्ते को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। अब वर्षों बाद अभिनेत्री शगुफ्ता अली ने एक इंटरव्यू में उस दौर को याद करते हुए गोविंदा, करिश्मा कपूर और सुनीता आहूजा से जुड़े कई दिलचस्प किस्से साझा किए हैं।
सिद्धार्थ कनन के साथ इंटरव्यू में शगुफ्ता अली ने बताया कि 'हीरो नंबर 1' की शूटिंग उनके करियर के सबसे यादगार अनुभवों में से एक रही। फिल्म में कादर खान, सतीश शाह, टीकू तलसानिया और रीटा भादुरी जैसे दिग्गज कलाकार मौजूद थे। पूरे यूनिट का माहौल किसी परिवार की तरह था और शूटिंग के दौरान ऐसा महसूस होता था मानो सभी लोग पिकनिक पर आए हों।
उन्होंने ऊटी में हुई आउटडोर शूटिंग का जिक्र करते हुए बताया कि पूरी टीम मिथुन चक्रवर्ती के होटल में ठहरी थी। जब मिथुन दा को पता चला कि उनके पुराने साथी कलाकार वहीं रुके हैं, तो वे खुद होटल के किचन में पहुंचे और अपने हाथों से मछली बनाकर पूरी यूनिट को खिलाई। शगुफ्ता ने इसे अपने जीवन के सबसे खास अनुभवों में से एक बताया।
गोविंदा के सेट पर देर से पहुंचने के किस्से आज भी मशहूर हैं। इस पर शगुफ्ता अली ने कहा कि अगर सुबह 9 बजे की शिफ्ट होती थी, तो कई बार गोविंदा दोपहर 1 या 2 बजे तक पहुंचते थे। इससे यूनिट के लोग परेशान भी हो जाते थे और कादर खान जैसे वरिष्ठ कलाकार नाराजगी भी जताते थे।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि गोविंदा अपने काम को लेकर बेहद गंभीर थे। उनके मुताबिक, लोग आमिर खान को परफेक्शनिस्ट कहते हैं, लेकिन गोविंदा भी किसी से कम नहीं थे। वह एक सीन के लिए कई-कई रिहर्सल करते और जरूरत पड़ने पर 25 से ज्यादा टेक देने में भी संकोच नहीं करते थे। इतना ही नहीं, हर रीटेक के बाद पूरी यूनिट से माफी भी मांगते थे।
शगुफ्ता अली के अनुसार, गोविंदा समय और शुभ-अशुभ जैसी बातों को भी काफी महत्व देते थे। कई बार वह किसी काम को खास समय पर ही करने की बात कहते थे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनका दिल बेहद बड़ा था और जरूरत पड़ने पर वह साथी कलाकारों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते थे।
उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें होटल में खराब कमरा मिला था। जब गोविंदा को इसकी जानकारी मिली, तो उन्होंने खुद फोन कर उनकी परेशानी पूछी और मदद का इंतजाम करवाया।
गोविंदा और करिश्मा कपूर की सुपरहिट जोड़ी के टूटने पर शगुफ्ता अली ने कहा कि हर जोड़ी का एक समय होता है। उनके अनुसार, संभव है कि दर्शक भी एक ही जोड़ी को बार-बार देखकर ऊब गए हों या फिर कलाकार अपने करियर में अलग रास्ता चुनना चाहते हों।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि करिश्मा कपूर बेहद मेहनती अभिनेत्री थीं, लेकिन उनके अंदर काफी एटीट्यूड भी था। शगुफ्ता के मुताबिक, अभिनय केवल अपने संवाद बोलने का नाम नहीं है, बल्कि सामने वाले कलाकार के साथ तालमेल बनाना भी उतना ही जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि कई बार करिश्मा शॉट खत्म होने के बाद सेट से हट जाती थीं, जिससे दूसरे कलाकारों के लिए दृश्य निभाना थोड़ा मुश्किल हो जाता था।
गोविंदा और करिश्मा कपूर के अफेयर की चर्चाओं पर शगुफ्ता अली ने कहा कि दोनों ने कभी उनसे अपने रिश्ते को लेकर कोई बात नहीं की। हालांकि उन्होंने माना कि उस समय ऐसी चर्चाएं काफी होती थीं और लोगों को उनकी नजदीकियां साफ दिखाई देती थीं। फिर भी उन्होंने कहा कि रिश्ते की सच्चाई वही दोनों बेहतर जानते होंगे।
सुनीता आहूजा को लेकर शगुफ्ता अली ने कहा कि उन्होंने उन्हें एक बार आउटडोर शूटिंग के दौरान बच्चों के साथ देखा था। वह बेहद शांत स्वभाव की थीं और पूरे यूनिट के साथ सम्मानपूर्वक पेश आती थीं।
उन्होंने कहा कि उस दौर में गोविंदा और करिश्मा के रिश्ते को लेकर कई तरह की खबरें सामने आती थीं, लेकिन सुनीता आहूजा ने कभी सेट पर कोई हंगामा नहीं किया। अगर उन्हें इन चर्चाओं की जानकारी भी रही होगी, तब भी उन्होंने सार्वजनिक रूप से कभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
शगुफ्ता अली ने कहा कि किसी भी महिला के लिए ऐसी स्थिति आसान नहीं होती, इसलिए वह सुनीता आहूजा के धैर्य और समझदारी की तारीफ करती हैं। उनके मुताबिक, उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कई ऐसे मामले देखे हैं, जहां कलाकारों के परिवार वाले सेट पर आकर विवाद खड़ा कर देते थे, लेकिन सुनीता ने हमेशा गरिमा बनाए रखी।