
Hema Malini On Mathura Yamuna Boat Accident: वृंदावन की गलियां और यमुना के घाट, जो आमतौर पर राधे-राधे के जयकारों और भक्ति की सुंगध से महकते हैं, शुक्रवार को एक ऐसी चीख-पुकार के गवाह बने जिसने हर किसी का कलेजा चाक कर दिया। एक पल जहां श्रद्धालु भजन-कीर्तन में मगन थे, वहीं अगले ही पल यमुना की लहरों ने उन्हें अपनी आगोश में ले लिया। मथुरा के वृंदावन में हुई इस भीषण नाव दुर्घटना ने न केवल परिवारों को उजाड़ दिया है, बल्कि प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस भयानक हादसे में नाव सवार करीब 25 से 30 श्रद्धालु यमुना के पानी में डूब गए। जिसमें से 10 की मौत हो गई और 15 को रेस्क्यू कर लिया गया है। ऐसे में मथुरा की सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी की पहली प्रतिक्रिया सामने आ गई है।
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर करीब सवा तीन बजे श्रद्धालुओं से भरी एक मोटरबोट यमुना नदी पार कर रही थी। बताया जा रहा है कि नाव में क्षमता से अधिक, लगभग 30 लोग सवार थे। चश्मदीदों के अनुसार, नदी के बीच में नाव असंतुलित होकर पोंटून पुल से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि नाव पलटने में एक मिनट का भी समय नहीं लगा।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो दिल दहला देने वाले हैं। इन वीडियो में दिख रहा है कि हादसे से ठीक पहले श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ भजनों में लीन थे, उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि मौत इतनी करीब है। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय गोताखोरों और नाविकों ने हिम्मत दिखाते हुए राहत कार्य शुरू किया।
मथुरा के डीआईजी शैलेश कुमार पांडे ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि अब तक 10 शव बरामद किए जा चुके हैं। राहत की बात यह रही कि 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिन्हें तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए पुलिस, फायर सर्विस और गोताखोरों के साथ-साथ NDRF और SDRF की टीमें भी जुटी हुई हैं।
इस दुखद घटना पर मथुरा की सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा, "वृंदावन में हुई यह नाव दुर्घटना आत्मा को झकझोर देने वाली है। मैं भगवान श्री कृष्ण से प्रार्थना करती हूं कि दिवंगत आत्माओं को शांति मिले और उनके परिवारों को यह अपार दुख सहने की शक्ति मिले।"
फिलहाल, पूरा वृंदावन शोक में डूबा है। प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या इस तरह की लापरवाहियां और बेकसूरों की मौतें कभी रुक पाएंगी?