
Isha Koppikar Slams Underage Drinking: मुंबई के पब और क्लब कल्चर को लेकर अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर ने एक गंभीर मुद्दा उठाया है। उन्होंने नाबालिगों को आसानी से शराब मिलने पर चिंता जताते हुए कहा कि आईडी की जांच में छोटी-सी ढिलाई भी किसी युवा की जिंदगी को खतरे में डाल सकती है। अभिनेत्री का कहना है कि मनोरंजन के नाम पर नियमों की अनदेखी समाज के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है और इस पर तुरंत सख्ती जरूरी है।
ईशा ने सोशल मीडिया के जरिए एक वीडियो शेयर करते हुए बताया कि शहर की कई जगहों पर उम्र जानने की प्रक्रिया को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उनके मुताबिक कई बार बिना किसी पूछताछ या जांच के ही किशोरों को शराब मिल जाती है, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने इसे सिर्फ एक गलती नहीं बल्कि जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति बताया।
अभिनेत्री ने एक हालिया घटना का उदाहरण देते हुए कहा कि एक कम उम्र की लड़की इतनी ज्यादा नशे की हालत में पहुंच गई कि उसे संभालना मुश्किल हो गया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर उस समय उसके साथ कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद न होता तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी। इस तरह की घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की सख्त जरूरत है।
एक मां होने के नाते ईशा ने इस मुद्दे को बेहद संवेदनशील बताया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में बच्चों को सुरक्षित वातावरण देना परिवार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि नियमों का पालन केवल औपचारिकता नहीं बल्कि बच्चों के भविष्य की सुरक्षा का आधार है। उन्होंने प्रशासन और मनोरंजन स्थलों से अपील की कि वे मुनाफे से पहले सामाजिक जिम्मेदारी को प्राथमिकता दें।
ईशा ने ये भी कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए, चाहे कोई स्थान कितना भी प्रभावशाली लोगों से जुड़ा क्यों न हो। नियमों के पालन में किसी तरह की छूट नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान रखें और उनसे खुलकर संवाद बनाए रखें, ताकि किसी भी तरह की जोखिम भरी स्थिति से बचा जा सके।
अभिनेत्री की ये प्रतिक्रिया उस समय सामने आई है जब हाल ही में एक कॉन्सर्ट कार्यक्रम के दौरान नशीले पदार्थों के सेवन से दो युवाओं की मौत का मामला चर्चा में रहा। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन प्रबंधन पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया गया कि कार्यक्रम में उम्र संबंधी नियमों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पर्याप्त पालन नहीं किया गया था।