
Kangana Ranaut Clarifies Nurses Uniform Statement: बॉलीवुड अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म में वो एक नर्स का किरदार निभा रही हैं और इसी किरदार की तैयारी के दौरान उन्होंने नर्सों की वर्दी को लेकर एक ऐसा बयान दिया था जिस पर सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। हालांकि अब अभिनेत्री ने खुद सामने आकर अपने बयान को लेकर सफाई पेश कर दी है। क्या कुछ कहा है कंगना ने, चलिए जानते हैं।
कंगना रनौत का मानना है कि फिल्मों में निभाए गए किरदार कई बार कलाकारों को समाज के उन पहलुओं से जोड़ देते हैं, जिन पर आमतौर पर ज्यादा चर्चा नहीं होती। इसी दौरान उन्होंने नर्सिंग पेशे से जुड़े कुछ पुराने अनुभवों का जिक्र किया था। लेकिन बाद में उन्हें महसूस हुआ कि जिस विषय को लेकर उन्होंने चिंता जताई थी, उसमें सालों पहले ही बड़े बदलाव किए जा चुके हैं।
'गुड न्यूड टुडे' से बातचीत करते हुए कंगना रनौत ने बताया कि उनकी नई फिल्म में पहनी गई वर्दी ने उन्हें उनके निजी अनुभवों की याद दिलाई। इसी वजह से उन्होंने नर्सों के पारंपरिक पहनावे को लेकर अपनी राय साझा की थी। लेकिन जब उन्होंने अलग-अलग अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों से जुड़ी नर्सों से बातचीत की, तो उन्हें पता चला कि हालात पहले जैसे नहीं रहे।
उनके मुताबिक, कई नर्सों ने उन्हें बताया कि समय के साथ ड्रेस कोड में कई सुधार किए गए हैं और अब ज्यादातर अस्पतालों में आधुनिक, सुविधाजनक और व्यावहारिक यूनिफॉर्म अपनाई जा चुकी हैं।
कंगना ने बातचीत के दौरान ये भी साफ किया कि उनका उद्देश्य किसी भी तरह से नर्सिंग पेशे का अपमान करना नहीं था। उन्होंने कहा कि किसी भी स्वास्थ्यकर्मी की असली पहचान उसकी वर्दी नहीं, बल्कि मरीजों के प्रति उसकी जिम्मेदारी और सेवा भावना होती है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि अस्पतालों में काम करने वाले डॉक्टर, नर्स और अन्य कर्मचारी समाज के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक हैं, जो कठिन परिस्थितियों में भी लोगों की सेवा करते हैं।
कंगना की फिल्म आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। 'भारत भाग्य विधाता' ऐसे स्वास्थ्यकर्मियों की बहादुरी को सामने लाने की कोशिश करती है। फिल्म की कहानी उन लोगों पर केंद्रित है जिन्होंने 26/11 हमले के दौरान अस्पताल में अपने कर्तव्यों को निभाते हुए साहस का परिचय दिया।