Karan Johar: एक इंटरव्यू में करण जौहर ने 2006 में आई अपनी फिल्म 'कभी अलविदा ना कहना' (KANK) के सेट पर भावनात्मक उथल-पुथल के बारे में खुलकर बात की। वहीं, रानी मुखर्जी भावुक हो गईं जब उन्होंने याद किया कि उन्हें बताया गया था कि गुलाम फिल्म में उनके किरदार के लिए उनकी 'आवाज' उपयुक्त नहीं थी और इसलिए उसे डब करना पड़ा था।
Karan Johar: दिग्गज अभिनेत्री रानी मुखर्जी ने फिल्म इंडस्ट्री में 30 साल पूरे कर लिए हैं। अपनी फिल्म 'मर्दानी 3' की रिलीज की तैयारी के बीच, उन्होंने फिल्म निर्माता और अपने पुराने दोस्त करण जौहर के साथ अपनी जर्नी और बॉन्डिंग पर बातचीत की। इस बातचीत के दौरान जहां रानी ने फिल्म 'कुछ कुछ होता है' में अपनी आवाज देने के लिए करण जौहर को शुक्रिया किया और इमोशनल हो गईं, वहीं, करण जौहर ने फिल्म 'कभी अलविदा ना कहना' से जुड़े कुछ भावुक लम्हों को शेयर किया। इस इंटरव्यू में करण जौहर ने खुलासा किया है कि पर्दे पर दिखाई देने वाले इमोशंस ने फिल्म के कलाकारों पर पर्दे के पीछे किस तरह असर डाला था।
करण जौहर की 2006 में आई फिल्म 'कभी अलविदा ना कहना' को रिलीज के समय दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली, लेकिन यह एक कल्ट क्लासिक बन गई। इसकी वजह यह थी कि वैवाहिक बेवफाई, भावनात्मक असंतोष और बिगड़े रिश्तों जैसे विषयों पर आधारित यह संगीतमय रोमांटिक ड्रामा अपने समय से काफी आगे था। फिल्म शाहरुख खान और रानी मुखर्जी के किरदारों की कहानी है, जो अपने-अपने ऑनस्क्रीन जीवनसाथियों (प्रीति जिंटा और अभिषेक बच्चन द्वारा अभिनीत) के साथ सालों की बोरिंग मैरिड लाइफ के बाद एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स में पड़ते हैं।
हाल ही में एक इंटरव्यू में करण जौहर ने बताया कि प्रीति ज़िंटा के लिए यह समझना कितना मुश्किल था कि फिल्म 'कभी अलविदा ना कहना' में शाहरुख खान का किरदार धोखा क्यों देता है। करण जौहर ने याद करते हुए कहा, “वह बहुत पर्सनल बातें कर रही थीं… मैंने उन्हें एक तरफ बुलाया और हम टहलने चले गए। मैंने कहा, ‘यह प्रीति जिंटा नहीं हैं। यह रिया है। यह सब उसके साथ हो रहा है’।” खैर, प्रीति अकेली नहीं थीं।
रानी के ऑनस्क्रीन पति अभिषेक बच्चन के बारे में बात करते हुए भी करण ने बताया, “मुझे याद है, एक समय अभिषेक रो पड़े थे… मुझे याद है एक इमोशनल सीन था? मुझे याद है वह रो पड़े थे। कई बार ऐसा हुआ जब मैंने आपको (रानी) उदास और निराश देखा था। मुझे एहसास हुआ कि हर कोई अपने मन में बहुत कुछ सोच रहा था क्योंकि फिल्म जमीनी हकीकत और भावनात्मक हकीकत की बात करती है… ऐसी बातें जिनसे लोग गुजरते हैं लेकिन बात करना पसंद नहीं करते… यह एक बहुत ही उथल-पुथल भरा अनुभव था।”
अमिताभ बच्चन और किरण खेर अभिनीत, 'कभी अलविदा ना कहना', 'कुछ कुछ होता है' (1998) और 'कभी खुशी कभी गम' (2001) के बाद करण जौहर की तीसरी निर्देशित फिल्म थी। यह रानी और शाहरुख के साथ KJo की तीसरी फिल्म थी। 2023 में अपनी 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' के तीन साल बाद, करण अपनी अगली फिल्म के लिए डायरेक्टर की कुर्सी पर लौटने के लिए तैयार हैं।