
Kishore Kumar Birth Anniversary: किशोर कुमार बॉलीवुड के उन कलाकारों में से थे जो अपनी टैलेंट और अलग अंदाज से हमेशा याद किए जाते हैं। वो न सिर्फ बेहतरीन गायक थे, बल्कि बेहद मजेदार और बेबाक इंसान भी थे।
एक बार प्रोड्यूसर से नाराज होकर उन्होंने आधा सिर और आधी मूंछ मुंडवा ली थी और उसी लुक में शूटिंग पर पहुंच गए थे। उन्होंने ऐसा काम क्यों किया, आइए जानते हैं।
क्या आप जानते हैं, किशोर कुमार का असली नाम आभास कुमार गांगुली था। उनका जन्म 4 अगस्त 1929 को खंडवा (मध्य प्रदेश) में हुआ था। उनके बड़े भाई अशोक कुमार मशहूर एक्टर थे और उन्होंने ही किशोर को फिल्मों में आने के लिए प्रेरित किया।
किशोर ने एक्टिंग की शुरुआत साल 1946 में फिल्म 'शिकारी' से की, लेकिन उनका दिल हमेशा गायकी में ही लगा रहा, और यहीं से उन्हें असली पहचान मिली।
1960 के दशक में उन्होंने फिल्मों के निर्देशन और लेखन में भी हाथ आजमाया। 1969 में फिल्म 'आराधना' का गाना 'रूप तेरा मस्ताना' सुपरहिट हुआ और उसने किशोर कुमार के करियर को ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। इसके बाद 1970 का दशक पूरी तरह किशोर कुमार के नाम रहा। उन्होंने राजेश खन्ना की लगभग हर फिल्म में अपनी आवाज दी और जब अमिताभ बच्चन आए, तो उनकी भी आवाज बन गए। 'मेरे नैना सावन भादो' और 'प्यार दीवाना होता है' जैसे गानों ने साबित किया कि वे सिर्फ मस्ती भरे ही नहीं, गहरी संवेदना से भरे गीत भी गा सकते हैं।
उनके नाम यूं तो कई किस्से हैं, लेकिन एक इंटरव्यू के दौरान उनकी पत्नी लीना चंदावरकर ने प्रोड्यूसर से हुए टकराव के चलते आधा सिर मुंडवाने वाला किस्सा बताया था। उन्होंने बताया कि एक बार वे किसी फिल्म की शूटिंग कर रहे थे, लेकिन प्रोड्यूसर ने उन्हें आधी पेमेंट ही दी थी। प्रोड्यूसर ने किशोर से कहा था कि फिल्म पूरी होने के बाद आधे पैसे मिलेंगे। इस बात से किशोर कुमार खफा हो गए और उन्होंने इसका जवाब अपने बेबाक अंदाज में दिया। अगले दिन वे सेट पर आधी मूंछ और आधे बाल मुंडवा कर पहुंच गए। जब उनसे इसकी वजह पूछी गई तो उन्होंने कहा कि आधे पैसे मिले हैं तो गेटअप भी आधा ही होगा; जब पूरे पैसे मिलेंगे तो गेटअप पूरा हो जाएगा।
13 अक्टूबर 1987 को 58 साल की उम्र में किशोर कुमार का निधन दिल का दौरा पड़ने से हो गया था। लेकिन उनके जाने के बाद भी उनकी लोकप्रियता और आवाज की चमक कम नहीं हुई है।
आज भी जब बच्चे सिंगिंग रियलिटी शोज में उनके गाने गाते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे किशोर दा आज भी हमारे बीच हैं। सच में, किशोर कुमार जैसे कलाकार कभी मरते नहीं, वे अपनी आवाज और यादों के जरिए हमेशा खुशियां बांटते रहते हैं।