Kunickaa Sadanand: सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत इन दिनों अपने एक बयान को लेकर घेरे में आ गए हैं। उन्होंने देश के बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से की थी। जिसे लेकर देश में हंगामा मचा हुआ है। कुनिका सदानंद ने भी अपनी भड़ास निकाली है और बेबाक बयान दिया है।
Kunickaa Sadanand On cockroach comment: सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत की एक टिप्पणी को लेकर इस समय देश के सामाजिक और राजनीतिक गलियारों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। उन्होंने 15 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान बेरोजगार युवाओं की तुलना कथित तौर पर 'कॉकरोच' से की थी जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है। राजनेताओं के साथ-साथ अब मनोरंजन जगत की बड़ी हस्तियां भी इस विवाद में कूद पड़ी हैं। पहले अतुल कुलकर्णी और अब 'बिग बॉस' फेम कुनिका सदानंद ने इस बयान पर तीखी आपत्ति जताई है और CJI पर अपना गुस्सा उतारा है।
शुक्रवार को यह पूरा विवाद उस समय खड़ा हुआ जब चीफ जस्टिस सूर्यकांत अपने जूनियर वकीलों को सीनियर का दर्जा देने से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। सुनवाई के दौरान उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि देश में कई ऐसे युवा हैं जिन्हें रोजगार या अपने पेशे में स्थान नहीं मिल पाता, और वह तिलचट्टों यानी कॉकरोच की तरह हैं। उन्होंने आगे कहा कि इनमें से कुछ सोशल मीडिया, कुछ मीडिया तो कुछ आरटीआई (RTI) एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करने लगते हैं।
सीजेआई की इस टिप्पणी पर फेमस अभिनेता अतुल कुलकर्णी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी बयान दिया। उन्होंने लिखा, "हाल के दिनों में गहरे दुख से भरे अवसर बहुत बढ़ गए हैं। लेकिन माननीय सीजेआई द्वारा दिए गए बयान का मन पर जो प्रभाव पड़ा है, उसे बयां करना नामुमकिन है। यह कई स्तरों पर बेहद चौंकाने वाला है। मेरे साथी देशभक्तों, हमें क्या करना चाहिए?"
एक्ट्रेस कुनिका सदानंद ने चीफ जस्टिस पर गुस्सा उतारा। उन्होंने अतुल के इसी ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए लिखा, "हमें इस मुद्दे पर खुलकर और ऊंची आवाज उठानी चाहिए। अवसरों की कमी, असुरक्षा और परीक्षा के नतीजों में गड़बड़ी जैसे असल मुद्दों पर बात करने के बजाय, उन्होंने अपमानजनक टिप्पणी की। उन्होंने भारत के युवाओं की बेइज्जती की है। माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय, वह भारत का भविष्य हैं, हमें उनका मार्गदर्शन करना चाहिए, उनकी रक्षा करनी चाहिए और उन्हें सशक्त बनाना चाहिए।"
बयान पर जैसे ही चौतरफा बवाल मचा और सोशल मीडिया पर भारी विरोध देखकर तुरंत चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने इस मामले पर अपनी सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश किया गया है। सीजेआई के मुताबिक, उनकी टिप्पणी सामान्य बेरोजगार युवाओं के लिए नहीं थी, बल्कि उन्होंने यह बात उन लोगों के लिए कही थी जो फर्जी और नकली डिग्रियों के सहारे वकालत जैसे गंभीर पेशे में घुस आते हैं और फिर सिस्टम को नुकसान पहुंचाते हैं।
भले ही कोर्ट की तरफ से सफाई आ गई हो, लेकिन सोशल मीडिया से लेकर गलियारों तक इस बात को लेकर बहस छिड़ गई है कि देश के युवाओं के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कितना जायज है।
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