Malaika Arora on Life Journey: बॉलीवुड की फैशन क्वीन मलाइका अरोड़ा ने महज 17 साल की उम्र में मॉडलिंग से करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने एक इंटरव्यू में अपने संघर्ष के दिनों को लेकर काफी कुछ बताया है।
Malaika Arora on Struggling Days: बॉलीवुड और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में मलाइका अरोड़ा का नाम सिर्फ एक डांसर या अभिनेत्री के तौर पर नहीं, बल्कि एक ऐसी महिला के रूप में लिया जाता है जिसने खुद को हर दौर में नए सिरे से साबित किया। 90 के दशक में मॉडलिंग से करियर की शुरुआत करने वाली मलाइका आज वीजे, अभिनेत्री, रियलिटी शो जज, एंटरप्रेन्योर और लेखिका तक का सफर तय कर चुकी हैं। वह खुद चाहती हैं कि लोग उन्हें हर काम में माहिर शख्स के रूप में याद रखें, जिसने कभी खुद को किसी एक दायरे में नहीं बांधा।
हाल ही में 'द प्रिंट' के साथ बातचीत में मलाइका अरोड़ा ने अपने जीवन के शुरुआती संघर्षों, अपनी मां के प्रभाव और बेटे के साथ प्रोफेशनल रिश्ते को साझा किया। उन्होंने बताया कि उनका करियर किसी ठोस प्लान का हिस्सा नहीं था, बल्कि मौके आते गए और वह उन्हें अपनाती चली गईं। उनके मुताबिक, उन्होंने कभी खुद को सीमित नहीं किया और न ही काम को लेकर ना कहने की आदत डाली।
मलाइका की जिंदगी में जिम्मेदारियां बहुत जल्दी आ गई थीं। जब वह महज 11 साल की थीं, तभी उनके माता-पिता अलग हो गए। इसके बाद वह अपनी छोटी बहन अमृता के साथ मां के साथ रहने लगीं। एक सिंगल मदर के तौर पर उनकी मां ने दोनों बेटियों को अच्छी शिक्षा, बेहतर जीवन और आत्मनिर्भर बनने के संस्कार दिए। यही वजह रही कि मलाइका ने कम उम्र में ही जिम्मेदारी लेना सीख लिया।
उन्होंने खुलासा किया कि मॉडलिंग में कदम रखने का फैसला ग्लैमर से ज्यादा जरूरत से जुड़ा था। उस दौर में यह एक ऐसा जरिया था जिससे जल्दी कमाई हो सकती थी। उन्होंने जो भी पैसा कमाया, उसे बचाने और भविष्य के लिए निवेश करने पर ध्यान दिया। मलाइका मानती हैं कि जिस उम्र में बच्चे मौज-मस्ती, घूमने-फिरने और देर तक सोने के बारे में सोचते हैं, उस उम्र में उन्हें परिवार की जिम्मेदारी निभानी पड़ी।
17 साल की उम्र में कमाना शुरू करने वाली मलाइका को यह अहसास था कि उनकी बहन अभी छोटी है और घर की आर्थिक जिम्मेदारी संभालने में उन्हें मां का सहारा बनना है। उन्होंने खुद पर दबाव लेना जरूरी समझा और हर उस मौके को अपनाया, जिससे वह आगे बढ़ सकें। वीजे के तौर पर काम करते हुए उन्हें यह समझ आया कि इंडस्ट्री में टिके रहने के लिए हर अवसर को गंभीरता से लेना जरूरी है।
मां से मिले संस्कारों को मलाइका ने अपने पालन-पोषण में भी अपनाया। वह अपने बेटे अरहान के साथ एक मजबूत रिश्ता साझा करती हैं। मुंबई में अपने रेस्तरां 'स्कारलेट हाउस' में वह बेटे के साथ बिजनेस पार्टनर के रूप में काम कर रही हैं। उनका मानना है कि काम की जगह पर मां-बेटे का रिश्ता पीछे छूट जाना चाहिए।
मलाइका ने कहा कि वो बेटे को अपनी बात रखने की पूरी आजादी देती हैं। कई बार दोनों के बीच मतभेद भी होते हैं, लेकिन वो उन्हें एक बातचीत के जरिए सुलझाते हैं। एक मां के तौर पर चिंता करना स्वाभाविक है, लेकिन कंट्रोल करना सही नहीं। उनके अनुसार, बच्चे को गलती करने, गिरने और खुद सीखने का मौका मिलना चाहिए।